चित्रकूट/मानिकपुर/मऊ/खोही। बारिश होने से जिले में दो दिन से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। फाल्ट के कारण शहर सहित 150 गांवों की बिजली गुल हो गई। सड़कों व गलियों में जलभराव ने मुसीबत और बढ़ा दी। वहीं मऊ, मानिकपुर कस्बे की सड़कों पर जलभराव के कारण आवागमन बाधित रहा। सवारी गाड़ियां न मिलने से यात्री भी परेशान रहे।
बारिश के कारण शहर सहित 150 गांवों में बिजली की आपूर्ति बंद रही। जिसमें सदर विकास खंड के बालापुर, संग्रामपुर, सिमरिया, जगनाथवासी, छपरा माफी, गांव में 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बिजली की आपूर्ति नहीं है। क्षेत्र के कैलाश पटेल, धनंजय पटेल, दीन पटेल, आशीष ,राजा साहू, रामभवन यादव आदि ने बताया कि कई बार लाइनमैन को कहा पर बिजली की आपूर्ति शुरू नहीं की गई। इसी तरह से जिले के भरतकूप, पहाड़ी, बरगढ़, मऊ क्षेत्र में भी बिजली की आपूर्ति बंद है। जिससे यहां के निवासी परेशान है। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता रामरूप वर्मा ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण विद्युत की आपूर्ति समस्या है। जहां कहीं खराबी है। उसे सुधारा जा रहा है।
बारिश होने से तापमान में गिरावट हो गई। मौसम में बदलाव की वजह से बाजारों व सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा रहा। शहर से लेकर गांवों की गलियों में जलभराव होेने से निकलना मुश्किल हो गया। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रही। बाजार में सन्नाटा रहा। बाहर से आने वाले यात्री परेशान रहे। गोशालाओं की भी हालत खराब रही। जिले मेें न्यूनतम तापमान 11 डिग्री व अधिकतम 16 डिग्री रहा। जिले में 42 एमएम बारिश हुई।
चना व मसूर की फसल को नुकसान
चित्रकूट। दो दिनों से हो रही बारिश से चना व मसूर की फसल को नुकसान हुआ। जबकि अन्य फसलों व सब्जी की बुआई करने वालों का इसका फायदा बताया जा रहा है। कहा जा रहा कि दूसरे दिन हुई बारिश से किसानों को नुकसान हो गया है। जबकि पहले दिन हुई बारिश से फायदा हुआ है। जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला का कहना कि मसूर की फसल को ही नुकसान हुआ है। जबकि अन्य फसलों के लिए फायदा हुआ।