संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। फसल की रखवाली के लिए खेत गए किसान की हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
रैपुरा थाने में रामनगर गांव निवासी रामऔतार पाल ने 2 जून 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को दी गयी तहरीर में बताया था कि उसके पिता रामआसरे पाल (65) अपने खेत पर बने बोर में रहते थे। घटना के दिन 2 जून 2022 को सबेरे वहां खेत जोतने गए कल्लू प्रजापति ने देखा कि उनके पिता रक्तरंजित अवस्था में खेत में पड़े थे।
इसकी सूचना मिलने पर वह लोग भी मौके पर पहुंच गए। बताया कि घटना के एक दिन पहले एक जून की रात पिता से बात होने पर उन्होंने बोर में रहने की बात कही थी। सबेरे मोबाइल में फोन लगाने पर घंटी तो जा रही थी पर फोन नहीं उठ रहा था। पुलिस ने वादी के अनुसार उसके पिता की हत्या की गई थी। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना के दौरान इस मामले में मृतक के गांव रामनगर के ही निवासी लक्ष्मण निषाद को गिरफ्तार किया था। साथ ही मामले का खुलासा करते हुए बताया था कि मृतक रामआसरे पाल के खेत में नलकूप था। हत्यारोपी लक्ष्मण निषाद ने उनके नलकूप से खेतों की सिंचाई कराई थी पर सिंचाई का भुगतान नहीं कर रहा था।
इस पैसे को लेकर लक्ष्मण निषाद व रामआसरे पाल के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद रात में लक्ष्मण निषाद ने खेत में लाठी डंडों से पीटकर रामआसरे की हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद हत्यारोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास कुमार प्रथम ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।