चित्रकूट। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सिविल) वर्णिका शुक्ला ने एक भूमि विवाद मामले में वादी की याचिका खारिज की। यह फैसला प्रतिवादी शिव प्रसाद के पक्ष में आया, जिससे उन्हें गाटा संख्या 998 पर कब्जे में राहत मिली।
मृतक हनुमान प्रसाद के अधिवक्ता ने शिव प्रसाद के खिलाफ याचिका दायर की थी। वादी ने 22 जनवरी 1981 को 800 रुपये में भूमि खरीदने और उस पर घर बनाने का दावा किया था। उन्होंने 6 फरवरी 2012 को प्रतिवादी पर झोपड़ी गिराने का आरोप लगाया था।
प्रतिवादी ने वादी के इकरारनामे को फर्जी बताया। न्यायालय ने दोनों पक्षों के साक्ष्यों पर विचार किया और पाया कि वादी अपने दावों को साबित नहीं कर पाए। वादी की स्थायी निषेधाज्ञा की मांग भी अस्वीकार कर दी गई। दोनों पक्षों को अपने मुकदमे का खर्च स्वयं वहन करना होगा।