फोटो- 2- खोही मंदिर में बैठक के दौरान मौजूद संत महंत। संवाद
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चित्रकूट। खोही निर्वाणी अखाड़ा की महंती का विवाद खत्म करने के लिए मंगलवार को धर्मदास लक्ष्मी नारायण मंदिर के परिसर में साधू-संतों की बैठक हुई। इसमें महंत धर्मदास ने कहा कि ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले को ही महंत बनाया जाएगा। महंती कल्याण दास की तेरहवीं के बाद 31 दिसंबर को होगी।
बडे़ अखाड़ा के महंत कल्याण दास के निधन के बाद गद्दी (महंती) पर उनके बेटे संतोष तिवारी ने दावा किया है। उधर, महंत के कमरे में मिले पत्र में अखाड़ा की संपत्ति गोरखनाथ मंदिर को देने की बात लिखी थी।
महंती का विवाद खत्म करने के लिए अखाड़ा परिषद अयोध्या निर्वाणी अखाड़ा के महंत धर्मदास ने मंगलवार को साधु-संतों के साथ बैठक की। महंत धर्मदास ने कहा कि खून के रिश्तों की महंती नहीं होती। ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले को ही महंत बनाया जाएगा। संत समाज से बात करके नया महंत बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पत्र में गोरखपीठ के महंत योगी आदित्यनाथ का उल्लेख था। वह नाथ संप्रदाय के हैं और हम लोग वैष्णो संप्रदाय से हैं। योगी इस आश्रम के महंत नहीं बन सकते हैं। वह इस आश्रम का महंत बनने की इच्छा भी नहीं रखते हैं। संतोष तिवारी ने कहा कि महंती पर उनका ही अधिकार है। उन्होंने ही पिता का अंतिम संस्कार किया है। संत सनकादिक महराज ने कहा कि 29 दिसंबर को महंत कल्याण दास की तेरहवीं होगी। 31 दिसंबर को आश्रम की महंती होगी। इसमें सातों अखाड़ा के निशान आएंगे।