चित्रकूट। तुलसीपीठ के जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने मंगलवार को पत्रकारों से हुई बातचीत में कहा कि कामदगिरि प्रमुखद्वार का पीठाधीश्वर जगदगुरु पद कोई नहीं है। जबकि महंत रामस्वरूपानंद महराज जबरन जगदगुरु बन गए हैं। इसका संत समाज मिलकर विरोध करे।
चित्रकूट के निर्मोही अनी अखाड़ा परिषद में हुए पट्टाभिषेक कार्यक्रम के दौरान जगद्गुरू रामभद्राचार्य ने कहा कि चित्रकूट क्षेत्र में पीठाधीश्वर पद मात्र एक है। जिसका वह खुद दायित्व निभा रहे है। इस मामले को लेकर वह प्रधानमंत्री सहित उत्तर प्रदेश सरकार तक मामला ले जाएंगे।
चित्रकूट के संत निर्भय होकर कार्य करे। उन्होंने कहा कि न्याय के लिए वह जेल जाने तक के लिए तैयार है। वहीं अखाड़ा परिषद बाघंबरी गद्दी प्रयागराज के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी महराज ने भी कहा कि चित्रकूट में सिर्फ एक जगदगुरु हैं। वह स्वामी रामभद्राचार्य हैं अन्य कोई नहीं है।