चित्रकूट। रंगों के त्योहार होली का रंग धीरे-धीरे चढ़ने लगा है। घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मौसम को अनुकूल मानते हुए महिलाएं विशेष रूप से पापड़ और चिप्स बनाने में जुटी हैं। यह उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है, जो होली से लगभग 15 दिन पहले ही आरंभ हो जाता है। इस बार भी घरों में महिलाएं उत्साह के साथ आलू के चिप्स और पापड़ बनाने में व्यस्त हैं। इन्हें बनाकर घरों की छतों पर सुखाने का काम किया जा रहा है।
स्थानीय निवासी गायत्री देवी के अनुसार, हर साल होली के पर्व से लगभग दो सप्ताह पहले से ही घरों में पापड़ और चिप्स बनाने का कार्य शुरू हो जाता है। यह एक पुरानी परंपरा है जो होली के उत्सव का एक अभिन्न अंग बन चुकी है। रश्मि बताती हैं कि इस वर्ष पापड़ और चिप्स बनाने के लिए मौसम अत्यंत अनुकूल है। तेज धूप निकलने से बनाए गए पापड़ों को सुखाने में आसानी हो रही है, जिससे उनकी कुरकुरापन और स्वाद बना रहता है।
धूप में अच्छी तरह से सूखने के बाद ये पापड़ व चिप्स खाने में और भी स्वादिष्ट लगते हैं। हालांकि, इस बार आलू की कीमतों में थोड़ी वृद्धि देखी जा रही है। वर्तमान में आलू 50 रुपये प्रति पांच किलो की दर से मिल रहा है, जबकि पिछले साल इसी मात्रा के लिए 40 रुपये था। यह मामूली सी वृद्धि त्योहार की तैयारियों के बजट पर थोड़ा असर डाल सकती है लेकिन महिलाओं का उत्साह और तैयारियों की गति कम नहीं हुई है।