फोटो-8- कामदगिरी परिक्रमा मार्ग के खोही अखाड़ा महंत के घर के पास मौजूद पुलिसबल व अन्य । संवाद
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चित्रकूट। खोही निवाणी मंदिर के महंत कल्याणदास के कमरे में मिले पत्र की सत्यता की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पत्र में जिन चार लोगों के नाम लिखे हैं, उनसे कोतवाली में सीओ व कोतवाल ने लगभग पांच घंटे तक पूूछताछ की है। पत्र की राइटिंग की जांच भी की जा रही है। मंदिर के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
महंत के निधन के बाद शनिवार को उनका कमरा अधिकारियों व अन्य महंतों की मौजूदगी में खुलवाया गया था। कमरे में नगदी, चांदी, डेढ़ क्विंटल सिक्कों के अलावा एक पत्र भी मिला था। मुख्यमंत्री/गोरखनाथ मंदिर पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ को संबोधित इस पत्र में चार लोगों के नाम लिखे हैं। इन पर प्रताड़ित करने और संपत्ति हड़पने की साजिश का आरोप है। मंदिर की संपत्ति दान गोरखनाथ पीठ को देने की बात भी लिखी है। एसपी ने एएसपी के नेत्त्व में जांच टीम बना दी है। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि पत्र में लिखे चार युवकों से पूछताछ की गई है। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। पत्र की राइटिंग व लेटरपैड़ की वास्तविकता की जांच भी की जा रही है।
सच निकला महंत के पुत्र का आरोप
महंत के निधन के बाद उनके बेटे संतोष ने संपत्ति के लिए पिता को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। उसने पत्र लिखा होने की बात भी कही थी। रविवार को भी संतोष ने प्रताड़ित करने का आरोप दोहराया। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।
महंत बनने की रस्साकशी शुरू
धर्मनगरी के कामदगिरि परिक्रमा मार्ग स्थित खोही बड़ा अखाड़ा के महंत कल्याण दास के स्वर्गवासी होने के बाद अखाड़ा के महंत बनने और अखाड़ा में कब्जा के प्रयास शुरू हो गए हैं। गुप्त रूप से बन रही रणनीति में अयोध्या व प्रयागराज के आश्रमों के महंतों का सहारा लिया जा रहा है।