28 सीकेटीपी-9- परिचय- लूट मामले में पकड़े गए बदमाश। संवाद
चित्रकूट। राजापुर थाना क्षेत्र के अमवां गांव के मोड़ पर बोलेरो सवार दंपती को पीटकर जेवर लूटने वाले चार बदमाशों को पुलिस ने पकड़ा है। इस कांड में बोलेरो चालक ही मास्टर माइंड निकला उसी ने पूरी घटना की साजिश रची थी। इन बदमाशों के कब्जे से लूटे गए जेवर के अलावा तमंचा कारतूस एक बोलेरो व एक बाइक बरामद की गई है।
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने शनिवार को मुख्यालय में खुलासा करते हुए बताया कि सात दिसंबर को शिवलहा पुरवा मजरा बरुवा थाना राजापुर निवासी कैलाश निषाद ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि वह गांव के ही जीतलाल की बोलेरो से पत्नी के साथ राजापुर कस्बे में गृहस्थी व जेवर खरीदने आया था। इसके बाद अंधेरा होने पर गांव लौटते समय अमवां मोड़ पर बाइक से आए कुछ बदमाशों ने बोलेरो रोककर उनके साथ मारपीट करके जेवर, रुपये व मोबाइल लूट कर भाग गए।
इसी मामले में ग्राम रीठी निवासी सुखलाल उर्फ दुखी,ग्राम डढिया निवासी उमेश कुमार व ग्राम लहदुआ थाना पहाड़ी निवासी जगतपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पता चला कि बोलेरो चालक शिवलहा पुरवा मजरा बरुवा निवासी जीतलाल ही मास्टर माइंड है। उसके मोबाइल व अन्य गतिविधियों से शक होने पर राजापुर पुलिस व एसओजी टीम ने उसे पकड़ा। काफी प्रयास के बाद उसने घटना कराने की बात स्वीकार की।
एसपी ने बताया कि शुक्रवार की शाम सूचना मिली कि कुछ लोग बरूवा मोड मंदिर के पास एक बोलेरो गाड़ी व एक बाइक के पास खड़े हैं। किसी सामान के बंटवारे को लेकर आपस में बातचीत कर रहे हैं। सूचना पर एसओजी प्रभारी एमपी त्रिपाठी व थाना प्रभारी लाखन सिंह की टीम ने जाकर इन्हें पकड़ लिया। कड़ाई से पूछताछ में चारों ने लूट व मिली रकम जेवर के बंटवारे की बात स्वीकार की। चारों को जेल भेज दिया गया है। पकड़े गए सुखलाल व उमेश के खिलाफ राजापुर व पहाड़ी थाने में लूट, मारपीट चोरी के कई मामले पहले से दर्ज हैं।
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बोलेरो चालक की बिगड़ी नीयत फूफा को बताकर बनाई योजना
चित्रकूट। शिवलहा पुरवा मजरा बरुवा जीतलाल निषाद अपनी बोलेरो से कैलाश और उसकी पत्नी को लेकर गया था। पुलिस को धोखा देने के लिए घटना के बाद यूपी 112 पर फोन भी किया था। उसने बताया कि कैलाश व उसकी पत्नी काफी जेवर पहने थे। इसके बाद बाजार में भी खरीदारी की। यह सब देख उसकी नीयत खराब हो गई और अपने फूफा सुखलाल को फोन कर पूरी जानकारी देकर लूट की पूरी योजना बनाई। तय हुआ कि इन्हें अंधेरे में ही गांव की तरफ लेकर आना है। इसके बाद रास्ते में पिटाई कर तमंचा दिखाकर लूट की गई। उस पर शक न हो इसके लिए उसने कैलाश के सामने ही जीत ने पुलिस को फोन भी किया। इसके बाद गांव जाकर लूट के माल का बंटवारा किया था।