चित्रकूट। अन्ना मवेशी को गोशाला में न रखने पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाल विकास भवन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। किसान नेताओं का कहना कि गोशाला में मवेशी न रखने से फसल खा रहे हैं। वहीं, किसी भी समितियों में खाद न होने का भी आरोप लगाया।
भाकियू के जिलाध्यक्ष राम सिंह पटेल ने कहा कि अप्रैल से गोशाला के मवेशी छोड़ दिए गए हैं। उनको रखने के लिए कोई व्यवस्था शासन की ओर से नहीं की जा रही है। ज्ञापन पर सीडीओ ने वादा किया था कि 30 जुलाई तक सभी गोवंशियों को गोशाला में बंद करा दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं किया गया। साथ ही सिचांई के लिए अलग बनाए गए फीडर में रोस्टर के अनुसार आपूर्ति नहीं मिलती है। इससे धान की रोपाई पिछड़ रही है। मजबूरी में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।
सदर तहसील अध्यक्ष शैंलेंद्र सिंह ने कहा कि जनपद के किसी भी समिति में डीएपी खाद नहीं है। किसान परेशान हैं, दबाव में प्रभारी किसानों को नैनो डीएपी दे रहे हैं जो फसलों के लिए फायदेमंद नहीं है। यूनियन के मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि मांगे पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरु किया गया है। जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी धरना जारी रहेगा। विकास भवन में धरना शुरु होते ही उप निदेशक कृषि राजकुमार, जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला सहित कई अधिकारी किसानों को मनाने पहुंचे लेकिन किसानों ने मांगे पूरी होने के बाद ही धरने से उठने की बात कही। इस मौके पर मंडल उपाध्यक्ष ओम नारायण गर्ग, मंडल सचिव उदय नारायण सिंह, युवा विंग के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह, महामंत्री सिद्धार्थ विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।