फोटो-14- कथा सुनाते मानसवक्ता मुरलीधर महराज।
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चित्रकूट। रामायण मेला परिसर सीतापुर में चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन मानस वक्ता मुरलीधर महराज ने अयोध्या कांड में वर्णित भगवान राम के वनगमन के प्रसंग के तहत कैकई चरित्र, राजा दशरथ के देव लोक गमन का मार्मिक वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन हर परिस्थितियों का सकारात्मक सोच के साथ मुकाबला करने की प्रेरणा देता है। रामायण का हर एक पात्र, प्रत्येक चौपाई प्रेरणादायक है। शनिवार को श्रीराम कथा में मानस वक्ता ने कहा कि भगवान राम जब तक अयोध्या में रहे तब तक दशरथ नंदन राम कहलाए, पर जब पिता की आज्ञा से वन गमन को गए तब मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम कहलाए।
भगवान राम की जन्म भूमि अयोध्या में बन रहे मंदिर के निर्माण पर शासन को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर से पहले हर व्यक्ति के हृदय में राम का होना बहुत जरूरी है। इस दौरान भागवताचार्य सिद्धार्थ पयासी, चंद्रकला रमेश चंद्र मनिहार, विजय महाजन, नीलम महाजन, विष्णु गोयल, डा. चंदा शर्मा, शिवकुमार कंसल, सुमेर सिंह राजपुरोहित सहित भक्तगण मौजूद रहे।
फोटो-15- कथा श्रवण करते भक्तगण।- फोटो : CHITRAKOOT