फोटो-16- डा. दीपेंद्र सिंह- फाइल फोटो
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चित्रकूट। पांच साल से तबादला मांग कर रहे दिवंगत डॉ. दीपेंद्र सिंह को जीते जी नहीं मिला। उनकी तेरहवीं के दूसरे दिन शासन से तबादला पत्र पहुंचा तो विभाग की जमकर किरकिरी हुई। शनिवार को विभाग ने इस पर मलहम लगाने का प्रयास किया और शासन से ही दूसरा पत्र जारी किया गया है। इसमें पहले के आदेश को रद्द कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश शासन चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के सचिव रविंद्र ने पत्र जारी कर चित्रकूट जिला अस्पताल के सीएमएस और प्रमुख अधीक्षक मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय प्रयागराज को बताया कि वरिष्ठ परामर्शदाता चित्रकूट के डॉ. दीपेंद्र सिंह के निधन की जानकारी मिली है।
पहले इनका तबादला चित्रकूट से प्रयागराज किए जाने का आदेश जारी हुआ था। इसे निरस्त किया गया है। गौरतलब है कि 11 वर्ष पूर्व चित्रकूट में तैनात डॉ. दीपेंद्र लगातार पांच साल से लिवर की बीमारी से परेशान होकर तबादला की मांग कर रहे थे।
उनके पत्रों की मोटी फाइल शासन स्तर पर थी, लेकिन उनकी बार-बार गुहार सुनी नहीं गई। बीमारी से परेशान डॉ. दीपेंद्र ने पांच साल पहले नौकरी से वीआरएस भी मांगा था। विभाग ने उनकी मांग नामंजूर कर दी थी। इस पर मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित था।