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रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण के चिह्नीकरण में भेदभाव

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फोटो-1- मानिकपुर के रेलवे की अधिकृत भूमि पर किया गया चिंहाकंन। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
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मानिकपुर (चित्रकूट)। रेलवे की भूमि पर कई प्रभावशाली लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। आरोप है कि इसमें रेलवे के कई अधिकारियों की भी मिलीभगत है। इसके बदले में कुछ रेलकर्मी मोटी रकम वसूलते हैं। आरोप है अतिक्रमण करने वाले कुछ अन्य लोगों ने रेलकर्मियों को रुपये नहीं दिए तो उनके मकान चिह्नित कर लोहे के राड लगा दिए गए हैं। जगह खाली करने की चेतावनी दी गई है। वहीं, बड़ों पर मेहरबानी दिखा रहे हैं। उनके घरों को चिह्नित नहीं किया गया है।
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इंदिरा नगर निवासी समाजसेवी मिथलेश पांडेय ने रेल महाप्रबंधक व डीआरएम को लिखे पत्र में बताया कि मानिकपुर रेलवे स्टेशन के आस पास रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के साथ रेल प्रशासन पक्षपात कर रहा है। जवाहर नगर मोहल्ले में कुछ लोगों के रसोई घर तक में रेलवे का खंभा लगा दिया है। इन्हें जमीन खाली करने की चेतावनी दी गई है। वहीं, आरोप लगाया है कि मानिकपुर रेलवे स्टेशन के बाहर रेलवे की भूमि पर बने लॉज व होटलों पर रेल प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। यहां न चिह्नीकरण किया गया और न किसी को चेतावनी दी गई है।
जवाहरनगर निवासी देवानंद चौधरी, राममिलन यादव, चंद्रिका प्रसाद व लूटे प्रसाद आदि ने आरोप लगाया है कि वह सब प्रतिदिन कमाने खाने वाले हैं और उनके घरों को चिह्नित कर कर्मचारी मोटी रकम की मांग करते हैं। आरोप लगाया कि स्टेशन के पास रेलवे की लगभग 4 फीट जमीन को दबाकर लाज की दीवार खड़ी कर दी गई है, इसकी भी जांच कराई जाए।
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इस संबंध में उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के मानिकपुर क्षेत्र के आईओडब्ल्यू आशीष कुमार यादव ने बताया कि रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण तो है लेकिन यह उनके कार्यकाल के पहले का है। किसी से रुपये लेने की बात उनके संज्ञान में नहीं है। स्टेशन के पास रेलवे की भूमि पर कोई लॉज या होटल नहीं बना है।
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