अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। लगातार बारिश के कारण कच्चे घर की कमजोर हुई दीवार भरभराकर गिर पड़ी। जिसमें कमरे में सो रही सास बहू समेत चार लोग दब गए। जानकारी होते ही अन्य परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से सभी को मलबे से बाहर निकाला लेकिन तबतक वृद्धा की मौत हो चुकी थी। एक महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य को मामूली चोट आई। इस घटना में दो साल की बालिका अप्रत्याशित रूप से बाल बाल बची।
शुक्रवार की रात थानाक्षेत्र के मंडौर गांव में बंशीलाल पाल का परिवार घर में सो रहा था। देर रात को अचानक एक कमरे की दीवार भरभराकर गिर पड़ी। जिससे उस कमरे में सो रही मिर्ची देवी(70) पत्नी बंशी, उर्मिला देवी, चुन्नी व दो साल की बालिका दीवानी दब गईं। इनकी चीख पुकार सुनकर दूसरे कमरे में सो रहे परिजन पहुंचे और इसी बीच कुछ पड़ोसी भी आ गए। सभी ने मिलकर मलबे में दबे परिजनों को बाहर निकाला।
इस दौरान मिर्ची देवी की मौत हो चुकी थी जबकि उर्मिला की हालत गंभीर होने पर मऊ अस्पताल में भर्ती कराया गया। अन्य को मामूली खरोंच आदि आईं। घटना की सूचना पर थानाध्यक्ष संतशरण हमराहियों के साथ गांव पहुंचे और शव का पंचनामा कर शनिवार को पोस्टमार्टम कराया।
बाल-बाल बची बालिका
मऊ। मृतका की दो पुत्रियां हैं। इस घटना के दौरान कमरे में मां उर्मिला के साथ सो रही दो साल की दीवानी को मामूली खरोंच आई जबकि वह भी मलबे में काफी देर तक दबी रही।
इनके भी घर की दीवार ढही
मऊ। थानाक्षेत्र के टिकरा निवासी लल्लू निषाद पुत्र पराग, लवलेश पुत्र रामकृपाल व बोरका पुत्र बच्चा के भी कच्चे घरों की दीवारें बारिश के कारण ढह गईं। जिसमें कुछ लोगों को मामूली चोट आई हैं। उधर मानिकपुर के केकरमार गांव में एक कच्चा घर ढह गया। जिसमें दबने से परिवार के दो सदस्यों को चोट आई। जिनका प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है।