संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में महिला इंजीनियर के साथ तीन महिलाओं व दो सिपाहियों ने मारपीट की है। महिला इंजीनियर ने कर्वी जीआरपी थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मुख्यालय के इलाहाबाद रोड निवासी सेवानिवृत्त डाककर्मी सुशील कुमार की पुत्री नीरा गुप्ता ने बताया कि वह अपनी छोटी बहन अर्पिता के साथ बंगलूरू से लौट रही थी। झांसी से संपर्क क्रांति ट्रेन मिलने पर वे उसमें सवार हो गईं। जल्दबाजी में वह एस-5 बोगी में चढ़ गईं। इसमें पहले से बर्थ नंबर 43, 50 व 51 में मौजूद तीन महिलाओं ने उनके बैठने पर आपत्ति की। इससे वे दोनों बहनें वहीं खड़ी रहीं। नीरा ने बताया कि ट्रेन चलने के कारण वह बोगी नहीं बदल सकीं और कुछ देर बाद अपना बैग नीचे रख दिया। बैग में उन महिला यात्रियों की सामग्री व चप्पल आदि दब गईं। इस पर तीनों महिलाओें ने अपशब्द कहना शुरू कर दिया।
नीरा ने बताया कि वह बंगलूरू में एक कंप्यूटर कंपनी में इंजीनियर है। उन महिलाओं को समझाया कि विवाद न करें अगले स्टेशन पर वह उतर जाएंगी। लेकिन वे नहीं मानीं और तीनों मिलकर उसे पीटने लगीं। छोटी बहन ने बचाने का प्रयास किया तो उसे भी धक्का देकर गिरा दिया। विवाद के बाद नीरा व उसकी बहन महोबा स्टेशन पर उतर कर एस-3 कोच में चली गईं।
नीरा ने आरोप लगाया कि बांदा स्टेशन पर तीनों आरोपी महिलाएं उतरीं और स्टेशन पर एक महिला व एक पुरुष सिपाही मिले। उनके साथ एस-3 कोच में आकर सभी ने नीरा को जमकर भला बुरा कहा। उसे पकड़कर पीटने का प्रयास किया लेकिन यात्रियों ने उसे बचा लिया। इसी दौरान ट्रेन चल दी। चित्रकूटधाम कर्वी स्टेशन पर उतरी महिला इंजीनियर ने जीआरपी थाने में अज्ञात महिलाओं व पुलिस कर्मी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाप्रभारी बृजभान ने बताया कि अज्ञात महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई है।