चित्रकूट । समाज के जागरूक नागरिकों ने नदी तट स्थित रामघाट से लेकर भरतघाट तक भ्रमण कर मंदाकिनी नदी के दर्द को महसूस किया। भरतघाट में सभी सम्मिलित नागरिकों ने महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए नदी सत्याग्रह की शुरूआत की।
पर्यावरण चिंतक डा. सुरेश प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि मंदाकिनी नदी सूखती जा रही है। नदी पुनर्जीवन अभियान कई वर्षों से चलाया जा रहा है। मंदाकिनी नदी पुनर्जीवन अभियान के संयोजक अभिमन्यु सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी के देश में जब नदियों पहाड़ों एवं बचपन के साथ हिंसाएं होगी तब यह समाज कैसे बचेगा।
आज विश्व अहिंसा दिवस है। हम सभी लोग तय करें कि एक व्यक्ति, समाज और सरकार के रूप में हिंसा रोकने का काम करना ही सत्याग्रह होगा। डा. जेपी नामदेव, डा. विनय यादव, धर्मेंद्र तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता दीपा शुक्ला, नीलू देवी, श्यामानंद, रामचंद्र, हरी निषाद, राम निषाद, अमित कुमार, छोटू सोनकर, हेमंत तिवारी, नत्थू निषाद आदि मौजूद रहे। संवाद