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36 घंटे तक श्रद्धालुओं के प्रवेश पर लॉकडॉउन

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फोटो- 5 - कोरोना संक्रमण को देखते हुए श्रद्घालुओं को रोकने के लिए धर्मनगरी के रामघाट पर साधुसंतों क - फोटो : CHITRAKUTT
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चित्रकूट/खोही। आषाढ़ माह की अमावस्या पर रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ धर्मनगरी में एकत्र न हो सके। इसके लिए प्रमुख मार्गों और कई स्थानों पर मध्य प्रदेश प्रशासन ने बैरिकेडिंग की है। साथ ही अधिकारियों ने धर्मनगरी के साधू-संतों से मिलकर मंदिर बंद करने की भी अपील की है। इधर, यूपी क्षेत्र के अधिकारी भी साधू-संतों से मिलकर सामाजिक दूरी नियम का पालन करने के लिए कहा है। हालांकि इस बार अमावस्या के ही दिन सूर्य ग्रहण होने के कारण मंदिर बंद रहेंगे। 36 घंटे तक धर्मनगरी में श्रद्धालुओं के लिए लॉकडॉउन रहेगा। यूपी क्षेत्र के चित्रकूट इलाके के मंदिरों के भी गेट बंद रखने पर साधू-संतों ने सहमति दे दी हैं।
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रामघाट पर बैठक कर अधिकारियों ने कोरोना संक्रमण से सभी को बचाने के लिए रणनीति बनाई। इसमें डीएम शेषमणि पांडेय ने बताया कि 30 जून तक लॉकडॉउन प्रभावी है। वर्तमान में चित्रकूट जिला ऑरेंज जोन में है। 21 जून यानी रविवार को पड़ रही आषाढ़ मास की अमावस्या के पर्व पर चित्रकूट धाम मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है। इससे एक ही स्थान पर भीड़ एकत्रित होने की संभावना है। जिले में 31 जुलाई तक धारा 144 लागू होने और कोरोना संक्रमण के प्रसार की संभावना को देखते हुए जिले में मेला पूर्णतया प्रतिबंधित किया गया है। डीएम ने श्रद्धालुओं से घरों में रहकर ही पर्व मनाने की अपील की है।
आषाढ़ माह की अमावस्या रविवार को पड़ रही है। इसी दिन सूर्यग्रहण भी होगा। धर्मनगरी मेें श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यूपी व एमपी प्रशासन ने इंतजाम किए हैं। इसमें एमपी क्षेत्र में प्रतिबंध लगाया गया। सभी प्रमुख मार्गों सहित अन्य स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई है। मध्य प्रदेश सीमा के मझगवां के एसडीएम एचके धुर्वे, सीएमओ डॉ.रमाकांत शुक्ला व नायब तहसीलदार ऋषि नारायण सिंह, थाना प्रभारी आरबी त्रिपाठी ने मंदिरों के महंतों से मिलकर मंदिर बंद रखने की अपील की है। इस पर साधू-संतो ने सहमति देकर मंदिर के पट बंद रखने को कहा है।

फोटो- 6 - कोरोना संक्रमण को देखते हुए धर्मनगरी के भगवान कामदगिरी मंदिर के प्रमुख द्वार को बंद कर लग?- फोटो : CHITRAKUTT

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