चित्रकूट। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक (उद्यान) डॉ. आनंद कुमार सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र का निरीक्षण किया। इसके बाद आरोग्यधाम परिसर में गोशाला, रसशाला, केंद्रीय सामुदायिक बीज बैंक, हर्बल गार्डन का अवलोकन किया।
रविवार को अवलोकन के दौरान आयुर्वेद सदन के डॉ. मनोज त्रिपाठी ने उप महानिदेशक को बताया कि संस्थान द्वारा निरंतर ऐसे औषधीय पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेन्द्र सिंह नेगी ने केंद्र पर स्थित गोवंश आधारित प्राकृतिक खेती मॉडल, सामुदायिक बीज बैंक व क्त्रसॅप कैफेट एरिया में लगी 23 स्थानीय प्रजातियों का प्रदर्शन व निरीक्षण कराया। डॉ. नेगी ने कहा कि कटाई के बाद किसानों की सबसे बड़ी समस्या रखरखाव की है।