चित्रकूट। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के प्रदेश मंत्री व जिला पंचायत सदस्य अशोक जाटव ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। भाजपा प्रत्याशी के विरुद्ध किसी अन्य दल ने दावेदारी नहीं ठोकी है। ऐसे में जिला पंचायत की सीट निर्विरोध तय मानी जा रही है। इस दौरान राज्यमंत्री, सांसद, जिलाध्यक्ष समेत प्रस्तावक मौजूद रहे। भाजपा प्रत्याशी ने तीन सेट में पर्चा दाखिल किया है। तीनों पर्चे सही होने पर दो पर्चें निरस्त कर दिए गए हैं।
शनिवार को नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि को दोपहर 12 बजे राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, सांसद आरके सिंह पटेल, मानिकपुर विधायक आनंद शुक्ला, जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश खरे, पूर्व सांसद रमेशचंद्र द्विवेदी, नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, पंकज अग्रवाल, सुशील द्विवेदी, पुरुषोत्तम पांडेय, शक्तिप्रताप सिंह तोमर, राजकुमार त्रिपाठी, भागवत त्रिपाठी, प्रस्तावक जिला पंचायत सदस्य अर्जुन शुक्ला, दशरथ प्रजापति, शिवऔतार त्रिपाठी, उमाकंत त्रिपाठी, विनीत द्विवेदी, प्रेमा सिंह आदि भाजपाइयों के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष पद के भाजपा प्रत्याशी अशोक जाटव कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने एक-एक घंटे के अंतराल में डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ला को तीन सेटों में नामांकन पत्र सौंपा। तीनों बार दो अलग अलग प्रस्तावक रहे। जिसमें दो प्रस्तावक ऐसे रहे जो बसपा समर्थित होने पर जीते हैं।
समाजवादी पार्टी में अनुसूचित जाति का कोई जिपं सदस्य न होने के चलते नामांकन पत्र नहीं भर सके। अपरान्ह तीन बजे तक बसपा की ओर से भी कोई नामांकन पत्र नहीं खरीदा गया। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी अशोक जाटव निर्विरोध हो गए। नामांकन पत्रों की जांच व वापसी की प्रक्त्रिस्या अभी शेष है। 29 जून को प्रकिया के बाद प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
तीसरी बार निर्विरोध व तीसरा भाजपा का अध्यक्ष
चित्रकूट। जनपद में जिला पंचायत सीट के लिए तीसरी बार निर्विरोध अध्यक्ष भाजपा प्रत्याशी अशोक जाटव हुए हैं। दस्यु ददुआ के पुत्र वीर सिंह ने सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध पहली दफा 2005 में जीत कर जिले की राजनीति में नया मोड़ दिया था। दोबारा सपा से ही 2015 में मैना देवी निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गई थीं। डेढ़ दशक बाद भाजपा ने यह सीट हासिल की है। इसके पहले भाजपा का सबसे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष बद्री विशाल त्रिपाठी हुए थे। इसके बाद फिर भाजपा की उजेरिया देवी अध्यक्ष बनीं थीं। इसके अलावा बसपा से रमेश पटेल व सपा से शिवशंकर यादव भी अध्यक्ष रह चुके हैं।
महज पांच सीट वाले बने अध्यक्ष
चित्रकूट। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा बसपा ने भाजपा को मैच होने की घोषणा के पहले ही जीत देदी। बिना मैदान में उतरे ही हार मान ली और भाजपा के पास बहुमत न होने के बावजूद एकतरफा घर बैठे जीत मिल गई।
जिला पंचायत के कुल 17 सदस्य हैं जिसमें बहुमत के लिए 9 सदस्यों का समर्थन होना जरूरी है। भाजपा समर्थन के पांच, सपा समर्थन के पांच व बसपा समर्थन के छह समेत एक भाकियू समर्थन का सदस्य है। (संवाद)
तार-तार होते रहे नियम, अधिकारी खामोश
चित्रकूट। सत्ताधारी दल के तयशुदा जीत की खुशबू थी या फिर भाजपा के राज्यमंत्री, सांसद, विधायक, नगरपालिका अध्यक्ष, भाजपा जिलाध्यक्ष की मौजूदगी...चाहे जो रहा हो नामांकन कक्ष से लेकर पूरे कलक्ट्रेट परिसर में कोविड और चुनाव आयोग के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं। जिम्मेदार भी रोकने का साहस नहीं जुटा सके। नामांकन कक्ष में प्रत्याशी के साथ सिर्फ दो प्रस्तावक के अंदर जाने के नियम का तीन बार उल्लघंन हुआ। नामांकन कक्ष में शुरू से ही छह प्रस्तावक बैठे रहे। इनकी देखरेख के दो भाजपा के नेताओं की विशेष जिम्मेदारी लगाई गई थी। बिना सैनिटाइज किए ज्यादातर लोग नामांकन कक्ष के अंदर गये इसमें से कई के चेहरे पर मास्क नहीं था। कुछ के मास्क गले में लटके रहे। इसके बाद विकास भवन के पास आयोजित सभास्थल पर भी कमोवेश ऐसी ही स्थिति बनी रही। (संवाद)