06फोटो 1 सीकेटीपी 11- परिचय-तिरंगा यात्रा निकालते भाजपाई।संवाद
चित्रकूट। खरीफ की फसल में डीएपी खाद लेने के लिए किसानों को सहकारी समितियों में लंबी लाइनें लगानी पड़ रही है। इसके बाद भी खाद नहीं मिलने से किसान निराश होकर लौट रहे हैं। इसमें छोटे काश्तकार वाले किसान ज्यादा हैं। इन किसानों का आरोप है कि कई बड़े काश्तकार किसान सहकारी समितियों व प्राइवेट दुकानों से 20 से 30 बोरी तक डीएपी व यूरिया खाद ले रहे हैं। इसके बाद बिना सब्सिडी बाजार में बेच भी देते हैं।
जिले में 39 सहकारी समितियों से किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है। मंगलवार को शहर के सहकारी समिति सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खाद लेने के लिए लंबी लाइन लगी रहीं। इसमें महिलाएं भी खाद लेने के इंतजार में उमस भरी गर्मी में लाइन लगाए खड़ी रहीं। गल्लामंडी के इफ्को केंद्र में खाद लेने आए किसान कल्लू प्रसाद, लोडिढियां गांव के रामस्वरूप ने बताया कि उनको तीन दिन से डीएपी खाद नहीं मिल रही है। कहा जा रहा है कि यूरिया खाद अभी उपलब्ध है। शहर के शंकर बाजार कर्वी सोसायटी में किसान कसहाई गांव के कल्लू सिंह ने बताया कि मात्र दो ही बोरी खाद दी जा रही है जबकि उसके पास से 20 बीघा जमीन है। इसके लिए आठ बोरी खाद चाहिए।
भारतीय किसान यूनियन के किसान शैलेंद्र सिंह ने बताया कि अलग-अलग दुकानों से आधार के साथ अंगूठा लगाकर कुछ बड़े काश्तकार किसान खाद 20 बोरी खाद लेते हैं। इसके बाद उसको अधिक दाम में किसानों को बेच रहे हैं। जिला प्रशासन के पास इसकी जानकारी नहीं हो पाती है। वहीं, शहर के गल्लामंडी के इफ्को केंद्र में किसानों ने खाद के साथ सल्फर और नैनो देने का आरोप किसानों ने लगाया था।
नैनो खाद लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाता
चित्रकूट। कोऑपरेटिव बैंक के सहायक आयुक्त राजेंद्र कुमार ने बताया कि खरीफ की फसल के लिए छह हजार एमटी यूरिया खाद्, 2835 डीएपी खाद व 254 एनपीए उपलब्ध हुई है। इसमें से 1995.125 यूरिया, 2204.700 एमटी, व एमपीए 226.300 एमटी बांटी गई है। किसी किसान को नैनो खाद लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है। जिन बड़े काश्तकारों के अधिक खाद लेने के आरोप लगे हैं उसकी जांच कराई जाएगी। अंगूठा लगाने के बाद तत्काल मशीन में यह दर्शाता नहीं है। इसी बीच कुछ लोग अन्य स्थान से खाद भी ले लेते हैं। इसकी जांच कराई जाएगी।