फोटो-13- कोतवाली में निरीक्षण के दौरान रजिस्टर की जांच करते डीआईजी दीपक कुमार
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चित्रकूट। चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी दीपक कुमार जब पुलिस लाइन व एसपी कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे तो दंगा नियंत्रण के संसाधनों ने पोल खोल दी। आंसू गैस के गोले एक्सपायर डेट के मिले जबकि रबड़ की गोलियों का स्टाक कम निकला। डीआईजी ने डीसीआरबी प्रभारी की कार्यप्रणाली से अंसतुष्ट होकर हटाने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को डीआईजी ने एसपी अंकित मित्तल के साथ पुलिस विभाग के कई विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोतवाली में बेहतर काम करने वाले दो सेल प्रभारियों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। पत्रकारों से बातचीत में कहा कि निरीक्षण में सब कुछ तो ठीक ठाक रहा लेकिन दंगा नियंत्रण के उपकरणों को लेकर उदासीनता देखी गई। जांच में पता चला कि आंसू गैस के गोले एक्सपायर हो चुके थे। यह तो अच्छा है कि यहां इसके प्रयोग का मौका नहीं मिला। अन्यथा प्रयोग करने में या तो यह फटते ही नहीं या फिर इनकी गैस कोई प्रभावी न होती। इसके अलावा रबड़ की गोलियों का स्टाक कम है। आंसू गैस का नया स्टाक और रबड़ की गोलियां मंगाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा डीसीआरबी प्रभारी का काम संतोषजनक नहीं मिला। एसपी से उसे हटाने को कहा गया है। यह भी कहा कि जल्द ही पुलिस विभाग को नये आधुनिक शस्त्र मिलने वाले हैं।
डीआईजी ने बताया कि जंगल से डाकू बबुली कोल गैंग खत्म हो चुका है। इकलौता डाकू गैंग गौरी यादव के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। यह गैंग कभी कभार वारदात कर भाग निकलता है। जल्द ही इसे पकड़ा जाएगा। हाल ही में मानिकपुर के पास शबरी जलप्रपात स्थल पर वन विभाग के काम को बंद कराने के सवाल पर डीआईजी ने कहा कि किसी डकैत ने यह बंद नहीं कराया था। जब उन्हें बताया गया कि भाजपा के एक जनप्रतिनिधि ने वहां जाकर कहा था कि किसी डकैत का हस्तक्षेप नहीं होगा और बंद काम शुरु कराया था। इस पर डीआईजी कुछ देर चुप रहे फिर कहा कि नेता व अधिकारी क्या कह रहे हैं वह सब जानते हैं। फिलहाल वह कई बार इस जंगल में गए हैं वहां डकैतों का मूवमेंट नहीं है। इस मौके पर एसपी अंकित मित्तल, एएसपी बलवंत चौधरी, सीओ रजनीश यादव व कोतवाल अनिल सिंह आदि मौजूद रहे।