चित्रकूट। गिट्टी मौरंग ट्रक आपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन ने जिलाध्यक्ष की अगुवाई में मुख्यमंत्री को संबोधित नौ सूत्री ज्ञापन कलक्ट्रेट में एएसडीएम और खनिज अधिकारी को सौंपा। इसमें समस्याओं निदान की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि सात दिन में निराकरण न होने पर वाहन स्वामी ट्रकों को खड़ाकर अनशन के लिए मजबूर होंगे।
गुरुवार को एसोसिएशन जिलाध्यक्ष रंजय मिश्रा की अगुवाई में ट्रक मालिकों ने एएसडीएम व खनिज अधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि क्रशर प्लांट शासन-प्रशासन के मंशानुरूप अंडरलोड खनिज सामग्री व रवन्ना के साथ लोड़िंग कराई जाए। शिवरामपुर, भरतकूप मंदिर रोड़, बदौसा, बरगढ़, राजापुर में खनिज जांच केंद्र का गठन हो। इसमें कैमरा और समुचित स्टाफ की व्यवस्था करें। सचल दल से बैरियरों की जांच कराएं।
सतना जिले से सोनेपुर होकर वाहनों की नो इंट्री खुलने का समय बेड़ी पुलिया की नो इंट्री के बाद रात्रि नौ बजे खोला जाए। क्रेशर प्लांटों से बाहरी जिले के वाहनों को मुंशी की साठगांठ से ओवरलोड खनिज सामग्री दी जाती है। इस पर अंकुश के लिए कदम उठाएं।
खाली वाहनों के लिए नो इंट्री का समय बढ़े। सभी वाहन मालिकों के लिए एक नियम समान रूप से लागू होना चाहिए। जिले के खनिज अधिकारी, पुलिस, प्रशासन को आदेशित करें।
चेताया कि सात दिन के अंदर निराकरण न होने पर पुरानी कोतवाली के समीप वाहनों को खड़ा कर अनशन को बाध्य होंगे। संदीप कुमार, पंकज कुमार, प्रदीप, राजीव कुमार, अखिलेश, संतोष, संजय अग्रवाल, आनन्द द्विवेदी, राजेश शुक्ला, वीरेन्द्र सिंह, श्याम सुंदर, अभिषेक, पंकज, नीरज भी शामिल रहे।