चित्रकूट। कोरोना काल में खारिज हुई अपील को कोर्ट ने पांच साल बाद बहाल कर दिया। अपर जिला जज प्रथम राहुल मिश्रा ने सिविल अपील 02/2017 को मूल नंबर पर स्थापित करने का आदेश दिया। मामला त्यागी इंटर कॉलेज अंचौहा का है।
तौरा निवासी रामहर्ष कॉलेज में चपरासी थे। नौकरी और फंड को लेकर प्रबंधन से विवाद पर उन्होंने 2017 में अपील दायर की थी। कोरोना में हाजिर न होने पर कोर्ट ने 11 अक्तूबर 2021 को अपील अनुपस्थिति में खारिज कर दी। बाद में कोरोना से ही उनकी मौत हो गई। उनके दो बेटे विश्राम (57) और राजेश (55) को मुकदमे की जानकारी नहीं थी। कॉलेज में फंड पूछने गए तो प्रबंधन ने कहा पिता मुकदमा हार गए, कोई फंड नहीं बचा। कोर्ट में जानकारी करने पर खारिज होने का पता चला। तब अधिवक्ता के माध्यम से प्रकीर्ण वाद दायर कर बहाली की मांग की।
सुनवाई के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक और कॉलेज ने विरोध किया कि बेटे मूल पक्षकार नहीं हैं और वाद कालबाधित है। इस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा सीपीसी धारा 2(11) के तहत पुत्र विधिक प्रतिनिधि है और कोरोना पर्याप्त कारण है। अदालत ने कहा 2020-21 में दुनिया महामारी से जूझ रही थी, इससे इन्कार नहीं किया जा सकता। छह अप्रैल 2021 की आदेश पत्रिका में भी कोविड से कोर्ट बंद होने का उल्लेख है इसलिए अनुपस्थिति न्यायोचित है और बेटे अपील बहाल कराने के अधिकारी हैं।