खोही(चित्रकूट)। अखिल भारतीय विरक्त संत मंडल की मप्र के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रभारी मंत्री प्रतिमा बागरी के साथ बैठक हुई। इसमें अतिक्रमण के नाम पर मठ मंदिरों को जबरन गिराने पर नाराजगी जताई। मांग की कि देवरा डैम चालू कराया जाए, जिससे मंदाकिनी में पानी की मात्रा बढ़े। बैठक के बाद साधु-संतों ने दस सूत्री ज्ञापन भी दिया।
सोमवार को जानकी महल में हुई बैठक में संत मदनदास ने कहा कि मंदाकिनी की सफाई सहित जानकीकुंड तीर्थ स्थल के सुंदरीकरण कराने पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। महंत सीताशरण महाराज ने कहा कि नदी के जलीय जीव मछलियों का संरक्षण किया जाए। मंदाकिनी नदी व सरयू नाले को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए। अमावस्या मेला की व्यवस्था के लिए होने वाली बैठक में साधु-संतों को भी शामिल करें।
परिक्रमा मार्ग पर वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए। रामहृदयदास महाराज ने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर साधु-संतों के भवनों को बेवजह तोड़ा जा रहा है। महंत सनकादिक महाराज ने कहा कि धर्मनगरी में कई स्थानों पर साधु वेशधारी बहुरुपिये घूम रहे हैं। ये तीर्थयात्रियों को ठगते हैं। ऐसे लोगों की जांचकर कार्रवाई की जाए। डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, बलरामदास, रामजी दास, रामप्यारे दास आदि मौजूद रहे।