चित्रकूट। रानीपुर टाइगर रिजर्व के शुभारंभ के दौरान जिले के प्रभारी मंत्री द्वारा वन क्षेत्र में घुमाने के लिए इस्तेमाल की गई जिप्सी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आया है। जिप्सी के मालिक की पत्नी ने सदर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। महिला ने अपने परिजनों पर आरोप लगाया कि टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को घुमाने के लिए पंजीकृत जिप्सी का गलत तरीके से प्रयोग किया गया। अब शिकायत के बाद जांच कराने की बात कही जा रही है।
भौंरी कर्वी निवासी प्रियंका ओझा ने बताया कि जिप्सी उनके पति सुरेंद्रमणि ओझा के नाम से पंजीकृत है। वाहन उनके पिता भोला प्रसाद मिश्रा के यहां खड़ा था और पूरी तरह निष्प्रयोग्य है। वायरल वीडियो से पता चला कि जिप्सी में गलत नंबर प्लेट लगाकर अन्य वाहन के रूप में रानीपुर टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को घुमाया गया। प्रियंका ने कहा कि अगर वाहन से कोई दुर्घटना होती है तो पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है क्योंकि नंबर उनके अन्य वाहन का है। उन्हें आशंका है कि उनके मायके पक्ष के कुछ लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
महिला ने एसपी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। एसपी अरुण कुमार सिंह ने सदर कोतवाल को मामले की जानकारी देकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वन विभाग के उपनिदेशक प्रत्यूष कटियार ने बताया कि टाइगर रिजर्व में एक जिप्सी पंजीकृत है, जिसे पर्यटकों को घुमाने में प्रयोग किया गया। वाहन और कागज की जानकारी उनके पास नहीं है। हालांकि मामला उनके समय का नहीं है, फिर भी वन क्षेत्राधिकारी मारकुंडी के नेतृत्व में टीम बनाकर पूरी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
क्या था मामला
छह नवंबर 2024 को रानीपुर टाइगर रिजर्व का शुभारंभ प्रभारी मंत्री मनोहरलाल मन्नू कोरी ने किया था। इसमें एक जिप्सी का इस्तेमाल हुआ, जिसमें आगे और पीछे दो अलग-अलग नंबर प्लेट लगी थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ। वन विभाग ने जांच की बात कही थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।