सौ बिस्तर वाले जिला अस्पताल में महिलाओं के लिए कोई
जगह नहीं। अगर ऐसा न होता तो आज यह दृश्य देखने को न मिलता। जिला अस्पताल
में गुरुवार को नसबंदी के बाद महिलाओं को जमीन पर लिटा दिया गया। इससे उनके
परिजन खफा थे।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. पीडी चौधरी का कहना था कि
यह गलत है और आगे से ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। जिला अस्पताल में गुरुवार
को 23 महिलाओं की नसबंदी की गई।
स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही
यहां भी नजर आई। नसबंदी के बाद महिलाओं को जमीन पर लिटा दिया गया। ऐसे में
तीमारदार जबर्दस्त रोष में रहे। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया पर कोई
फायदा नहीं हुआ।
इस संबंध में जब सीएमएस डॉ. पीडी चौधरी से बात की
गई तो उन्होंने इसे सरासर गलत बताया। कहा कि यह आशाओं और अन्य
स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही और गलती है।
मेरी जानकारी में
अस्पताल में बेड खाली थे और महिलाओं को इनमें ही लिटाना चाहिए था। वे पता
करेंगे और आइंदा के लिए सख्त निर्देश दिए जाएंगे कि आपरेशन के बाद महिलाओं
को बेड पर ही लिटाया जाए।