अल्पसंख्यक कल्याण उप्र के विशेष सचिव आरके मिश्रा ने जिला पंचायत राज
अधिकारी डा. अवधेश सिंह से कहा कि वह हर ब्लाक के पांच-पांच गांव लेकर
इनमें साफ-सफाई कराएं और जिन अफसरों ने गांवों को गोद लिया है, उन्हें अपने
बच्चों की तरह देखभाल करें।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की कमियों को
स्वास्थ्य पोषण समिति की धनराशि से पूरा करने को कहा।
विशेष सचिव
राज्य पोषण मिशन समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि
जिले में कुल 330 ग्राम पंचायतें हैं, जिसमें से 88 गांव समिति ने चिह्नित
किए हैं। इनमें से पांच-पांच गांवों में डीपीआरओ साफ-सफाई कराएं।
सफाईकर्मियों
की देखरेख के लिए एक सुपरवाइजर की तैनाती की जाए। गांव में जो गंदा पानी
निकलता है, उसकी निकासी की भी व्यवस्था की जाए। अधिकारी जिस गांव को गोद
लें, उसका पालन-पोषण अपने बच्चे के तरीके से करें। इसमें जिन अधिकारियों की
रिपोर्ट नहीं आई है, वे दे दें, जिससे इसे वेबसाइट में अपलोड कराया जा
सके।
आंगनबाड़ी केंद्रों की कमियों को उन्होंने स्वास्थ्य पोषण
समिति की धनराशि से पूरा करने को कहा। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए
कि वे इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए केंद्रों में पड़ी धनराशि से
जरूरत का सामान खरीदें और प्रधान, एएनएम एक सप्ताह के अंदर लिस्ट के अनुसार
सामान खरीद लें।
उन्होंने ग्राम नोनार में स्वास्थ्य समिति का
खाता तत्काल खुलवाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी
मुजाहिदुल अहसन ने अधिकारियों से अपने गोद लिए गांवों का लगातार दौरा करते
रहने को कहा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार, मुख्य
चिकित्साधिकारी डा. केडी द्विवेदी, परियोजना निदेशक सुरेश चंद्र राय, डीसी
मनरेगा सेवाराम, बीएसए वीके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश कुमार आदि
मौजूद रहे।