सरैंया (चित्रकूट)। शुक्रवार की शाम एक दलित महिला ने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसी महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर लाया गया। डाक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। ग्राम प्रधान तथा गांव के कुछ लोगों का कहना है कि महिला का पति आए दिन उसकी पिटाई करता था। इससे क्षुब्ध होकर उसने जान दे दी, जबकि रैपुरा थानाध्यक्ष का कहना है कि महिला की मौत खाना बनाते समय लगी आग हुई है।
रैपुरा थाने के इटहा देवीपुर गांव में शुक्रवार की शाम साढ़े पांच बजे पैंतालिस वर्षीय ननबुधिया पत्नी धुंधू ने घर में खुद पर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा ली। आग की लपटें देखकर परिवार और आसपास के लोग उधर दौड़े। अंदर जाकर देखा तो ननबुधिया आग की लपटों से घिरी थी। लोगों ने आनन-फानन में आग बुझाई, तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। ग्रामीणों के साथ परिजन उसे लेकर रामनगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां इलाज के दौरान ननबुधिया ने दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान चंद्रपाल सिंह ने बताया कि ननबुधिया का पति धुंधू आए दिन उसकी पिटाई करता था। शुक्रवार को भी उसके पति ने मारपीट की थी। इसी से क्षुब्ध होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। इस मामले में थानाध्यक्ष रैपुरा नंदलाल का कहना है कि महिला की मौत खाना बनाते समय जलने से हुई है। उन्होंने बताया कि शव पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।