चित्रकूट। दीनदयाल शोध संस्थान के तुलसी कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के डा. समीर पाल ने किसानों को सलाह दी कि वे सरकारी विभागों पर निर्भरता छोड़ अपने संसाधनों का भरपूर उपयोग कर पैदावार बढ़ाएं।
डा. पाल ने इस बात पर अफसोस व्यक्त किया कि किसानों के हित की बातें तो सभी करते हैं पर धरातल पर काम कम दिखाई देता है। उन्होंने समझाया कि तकनीक तो सभी लाभकारी होती हैं लेकिन उनके क्रियान्वयन के साथ उसके प्रभाव-दुष्प्रभाव का भी साथ में आकलन करते रहना चाहिए। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रधान वैज्ञानिक क्षेत्रीय परियोजना निदेशालय कानपुर डा. लाखन सिंह ने जिले के अधिकारियों से अपील की कि वे कृषि विज्ञान केंद्र से समन्वय बनाकर काम करें। परियोजना निदेशक रामउजागिर द्विवेदी ने कहा कि जिले में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ समूह के प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव डा. भरत पाठक ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर संस्थान सभी विभागों से समन्वय स्थापित करके काम कर रहा है। इस मौके पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एनके गहलौत, महिला समाख्या की चंद्रकांता, रामहंस, रमेश कुमार कुशवाहा, मनोज कुमार चौधरी, डा. रणजीत सिंह, नरेंद्र सिंह, रणविजय सिंह, शिवजी यादव, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।