चित्रकूट। खरीफ की फसल को इस बार अतिवृष्टि ने लील लिया। किसानों की लागत निकलना तो दूर, कई जगहों पर बीज तक वापस आने की दिक्कत हो गई है। सबसे ज्यादा तबाही यमुना नदी ने मचाई और इससे जनपद में मऊ और राजापुर के किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। राजापुर क्षेत्र में तो बागें और पयस्वनी ने भी किसानों को बर्बाद किया। इन किसानों के सामने दिक्कत अब रबी की फसल को लेकर है और, उधर प्रशासनिक तंत्र अपने ढंग से काम कर रहा है। अधिकारी शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कहकर ही कर्तव्य की इतिश्री मान रहे हैं।
राजापुर में इस साल पानी ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई। कई गांवों में तो ऐसी अतिवृष्टि सालों से नहीं देखी गई। तिरहार के किसानों की हालत बदतर है।
यमुना नदी ने इस इलाके के चिल्लीमल, तीरधुमाई, बिहरवां, देवारी, खोंपा, रायपुर, बेराउर गांवों में तो बागें नदी ने ममसी, गडौली, लमियारी, वीरधुमाई, विलास ने हालात बरबाद करने में कसर नहीं छोड़ी। इसके अलावा पयस्वनी नदी से सगवारा, सरधुवा, महुवगांव, अर्की, कुसेली, उद्घटा, भदेदू, कनकोटा इन तटवर्ती गांवों के किसानों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हुई हैं।