चित्रकूट। यमुना नदी में आई बाढ़ से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कृषि विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त टीम ने सर्वे पूरा कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 36 फीसदी फसलें प्रभावित हुई हैं।
उप कृषि निदेशक राजकुमार ने बताया कि इस वर्ष यमुना नदी में चार बार बाढ़ आई, जिससे राजापुर और मऊ तहसील क्षेत्र के 40 गांव प्रभावित हुए। खरीफ की फसलें जलमग्न होने से व्यापक क्षति हुई है। टीम ने राजापुर के 33 और मऊ तहसील के सात गांवों का सर्वे कर आंकड़े जुटाए।
सर्वे में सामने आया कि जिले में कुल 4099.41 हेक्टेयर रकबे की फसलें नष्ट हुई हैं। इनमें धान की 2101.69 हेक्टेयर, अरहर की 369.79 हेक्टेयर, ज्वार की 128.95 हेक्टेयर, तिल की 762.06 हेक्टेयर और बाजरा की 736.92 हेक्टेयर फसल शामिल हैं। सबसे अधिक क्षति तिल की फसल को हुई है, जो करीब 45 फीसदी प्रभावित रही।
प्रशासन ने कहा है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को बीमा योजना और राहत सामग्री का लाभ दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।