चित्रकूट। शहर की सड़कों पर अवैध ऑटो बेखौफ होकर परिवहन नियमों को धता बताते हुए दौड़ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि सड़क सुरक्षा माह होने के बाद भी पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों को इनकी मनमानी नजर नहीं आती। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, चित्रकूट में लगभग 300 ऑटो पंजीकृत हैं लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। सड़कों पर दो हजार से अधिक अनधिकृत ऑटो सवारियां ढो रहे हैं। इनके पास न तो परमिट है न ही फिटनेस प्रमाणपत्र। जिम्मेदारों की अनदेखी की कीमत लोगों को जान गंवाकर चुकानी पड़ती है।
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फोटो-05-ऑटो में बाहर लटककर बैठी सवारी। संवाद
शहर के बेड़ीपुलिया के पास सुबह 11 बजे कर्वी की ओर जा रही ऑटो में तीन के स्थान पर चालक सीट पर दो, बीच वाली सीट में पांच व पीछे तीन कुल दस सवारी बैठ रही है। जबकि इसी चौराहा में पुलिसकर्मी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। ऑटो चालक बेखौफ होकर ऑटो लेकर गुजरते रहे।
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फोटो-06-ऑटो में पीछे लटकी सवारी। संवाद
शहर के रेलवे स्टेशन के पास एक ऑटो में ठूस-ठूस कर सवारी भरी रहीं। इससे भी काम नहीं हुआ तो चालक ने पीछे का डाला खोल सवारी को खड़ा कर दिया। वह चालक शहर के प्रमुख चौराहों से होते हुए निकला। इसे कोई रोकने वाला नहीं रहा।
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इनसेट
ऑटो व विक्रम से हुए हादसे-
-18 जनवरी 2026 को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर उरई से सवारियां लेकर चित्रकूट आ रहे ऑटो की ट्रक से टक्कर हो गई। इसमें चालक की मौत हो गई और इसमें सवार छह से अधिक सवारी घायल हो गई।
-20 अक्तूबर 2025 को श्रद्धालुओं से भरा एक ऑटो झांसी-मीरजापुर हाईवे पर अमानपुर के पास पलट गया। हादसे में 11 लोग घायल हो गए, जबकि एक 18 वर्षीय युवक की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
22 अगस्त 2025 को मऊ थाना क्षेत्र के बरहा कोटरा गांव के रपटे पर क्षमता से अधिक सवारी लेकर जा रहा ऑटो बेकाबू होकर पलट गया। इस हादसे में वृद्धा की मौत हो गई। चार अन्य यात्री लोग घायल हो गए।
-दो अप्रैल 2024 को -कपसेठी-अमानपुर नेशनल हाईवे पर ओवरटेक कर रहे ऑटो को सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी, जिसमें ऑटो सवार तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, दो लोगों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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बोले जिम्मेदार
समय- समय पर पंजीकरण को लेकर ऑटो चालकों पर कार्रवाई की आती है। जल्द ही अभियान चलाकर बिना पंजीकृत चल से ऑटो को सीज किया जाएगा। - राम प्रकाश सिंह, एआरटीओ