मानिकपुर(चित्रकूट)। थानाक्षेत्र के बराह पुरवा में एक कच्चे कमरे में रहकर छोटा अपनी पत्नी व नाती के साथ अपनी सात बीघे की खेती की रखवाली करता था। उसके चार पुत्र दो पुत्रियां हैं। सबका विवाह हो चुका है। दो पुत्र मुन्ना व चुनकावन अपनी पत्नी व बच्चों के साथ दिल्ली व अन्य दो पुत्र राजकुमार व पिंटू शंकरगढ़ में रहते हैं। घटना की जानकारी पर सबसे पहले पिंटू गांव पहुंचा और गांव के ही एक युवक पर हत्या करने का शक जताया है।
उसने पुलिस को लिखित तहरीर में बताया है कि उसके पिता छोटा कोल के नाम बैंक से डेढ़ लाख की केसीसी गांव के ही एक युवक ने बनवाई थी। उस दौरान यही बात तय हुई थी कि जब रुपये की जरूरत होगी तो दोनों मिलकर इसका प्रयोग करेंगे। कुछ माह पूर्व 80 हजार रुपये जमा किए गए थे। अब कुछ दिन पहले इससे पिता ने 40 हजार रुपये निकाले थे। इसी बात का विवाद था कि उमेश यह रुपया चाहता था और पिता ने उसे नहीं दिए थे। इस मामले में थानाध्यक्ष श्रवण कुमार सिंह ने कहा कि वृद्ध छोटा के नाम केसीसी थी। जिसमें 40 हजार रुपया निकाला भी गया था लेकिन अब पूरा मामला क्या है इसकी भी जांच की जा रही है। बताया कि तहरीर में गांव के उमेश तिवारी का नाम लिखा गया है लेकिन जांच व पूछताछ के बाद ही उसे नामजद किया जाएगा। पुलिस उसे ढूंढ रही है वह गांव में नहीं मिला है। अभी अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दोनों कुल्हाड़ी रक्तरंजित होने पर संदेह
चित्रकूट। वृद्ध दंपति की हत्या के बाद हत्यारे कमरे में ही रक्तरंजित कुल्हाड़ी छोड़ गए हैं। एक नहीं दो कुल्हाड़ी बरामद होने पर संदेह हो रहा है कि हत्यारे एक नहीं दो होंगे। दोनों ने एक साथ ही दंपति की हत्या की और आराम से कुल्हाड़ी वहीं छोड़कर भाग गए। कुल्हाड़ी यदि हत्यारों की थी तो आखिर इसे छोड़कर जाने का क्या मतलब रहा है। अभी यह साबित नहीं हो पाया है कि कुल्हाड़ी किसकी है। संभावना है कि कुल्हाड़ी मृतक दंपति की भी हो सकती है।
केसीसी विवाद हो सकती है हत्या की प्रमुख वजह
- दो रक्तरंजित कुल्हाड़ी मिलने से हत्यारे भी दो होने की संभावना