चित्रकूट। अयोध्या से सीधे चित्रकूट के लिए बनाई जाने वाली वनगमन मार्ग का शुक्रवार को शिलान्यास हो जाने से सड़क बनाने का मार्ग खुल गया है। जिससे धर्मनगरी के साधु संतों ने खुशी जाहिर की है। कहा कि अयोध्या से सीधे चित्रकूट के लिए चार लेन सड़क बन जाने से अयोध्या आने जाने में समस्या नहीं होगी।
भगवान श्रीराम को जब 14 वर्ष के लिए वनवास हुआ था।
उस समय जिस मार्ग से भगवान श्रीराम चित्रकूट आए थे। उस रास्ते को केंद्र सरकार वन गमन मार्ग बनाने के लिए योजना पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के समय योजना बनाई थी। उनकी सरकार चली जाने के बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई थी।
अब इस मार्ग के बनने के रास्ते खुल गए हैं। केंद्र सरकार अयोध्या से 262 किमी लम्बे राम वनगमन मार्ग बनाने जा रही है। जिसके लिए शुुक्रवार को केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, पोत परिवहन, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने अयोध्या में शिलान्यास किया है। इस मार्ग की अनुमानित लागत 2020 करोड़ है। बनाई जाने वाली सड़क चार लेन बनेगी। इसके साथ सड़क के किनारे विशेष सजावट की जाएगी। जिसको लेकर जिले के साधु-संतों ने खुशी जाहिर की किया है।
कई साल से कर रहे थे प्रतीक्षा
चित्रकूट। कामदगिरी प्रमुखद्वार के संत मदनदास, पंजाबी आश्रम के महंत राजकुमार दास, फलहारी आश्रम के रामप्यारे दास, जानकी महल के सीताशरण, रामानंद आश्रम के महंत बलरामदास, जानकीमहल के मंहत सुखरामदास, जानकीकुंड के गोविंद दास ने वनगमन मार्ग का शिलान्यास होने पर खुशी जताई है। कहा कि कई साल से सड़क बनाने की प्रतीक्षा कर रहे थे।
कौशांबी जिले से होकर पहुंचेगी राजापुर
चित्रकूट। अयोध्या से चित्रकूट आने वाली वनगमन चार लेन सड़क कौशांबी जिले से होकर राजापुर- कर्वी होते हुए चित्रकूट पहुंचेगी। राजापुर में यमुना नदी में एक और पुल बनाया जाएगा।
हर साल आती भरत यात्रा
चित्रकूट। हर साल अयोध्या से चित्रकूट भरत यात्रा आती है। जिसमेें बड़ी संख्या में अयोध्या से साधु-संत आते हैं। चित्रकूट में भरत दरबार लगाता है। जिसमेें भगवान श्री भरत व श्रीराम की लीला प्रस्तुत की जाती है। जहां अयोध्या व चित्रकूट के साधु-संत एक साथ बैठकर लीला का आनंद उठाते हैं। इसी कार्यक्रम में कई बार वनगमन मार्ग को लेकर साधू संतों ने अध्योध्या से चित्रकूट तक अच्छी सड़क बनाने की मांग की थी।