मानिकपुर (चित्रकूट)। ब्लाक क्षेत्र के किहुंनिया गांव के लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता है। आरोप है कि विभाग ने दो साल में छह हैंडपंपों की मरम्मत के लिए 11 लाख रुपये खर्च कर दिए। लेकिन हैंडपंप सही नहीं हो सके।
शनिवार को किहुंनिया गांव निवासी राजूकोल, अनीस मोहम्मद, दिवाकर त्रिपाठी, अवध राजन, मयंक त्रिपाठी व महेश कुमार आदि ने बताया कि गांव के छह हैंडपंपों की अक्सर मरम्मत तो होती है लेकिन उससे गंदा पानी निकलता है। कई बार तो महीनों तक खराब ही बना रहता है। अभी भी हैंडपंपों की हालत खराब ही बनी है। कई से तो गंदा पानी मिल रहा है। इस संबंध में बीडीओ मानिकपुर सुनील सिंह ने बताया कि हैंडपंपों के खराब होने और उसकी मरम्मत के लिए खर्च की गई धनराशि की जानकारी नहीं है। उनके पास लिखित अभी कोई शिकायत भी नहीं आई है।