ब्रज के जन ज्वार के सामने शनिवार को हाईवे भी अदना हो गया। ब्रजवासियों के रेला में स्कूल छोड़ बच्चे भी सड़कों पर बैठ गए और यमुना मुक्ति की आवाज बुलंद की।
यमुना मुक्ति पदयात्रा के अकबरपुर रोड पर आते ही हुंकार और बुलंद हो उठी जब संत जयकृष्ण दास पदयात्रा में खुद पग बढ़ाने पहुंचे। चौमुंहा से छाता तक जहां से यात्रा गुजरी, ब्रजवासियों का रेला संग होता गया। ब्रजवासियों के जोश ने पदयात्रा में प्राण फूंक दिए। चौमुंहा के पास पदयात्रियों ने कुछ देर के लिए हाईवे पर जाम भी लगाया।
यमुना में जल का प्रवाह बढ़ाकर इसे प्रदूषणमुक्त करने की मांग को लेकर वृंदावन से हथिनी कुंड बांध तक के लिए निकली पदयात्रा का शनिवार को दूसरा दिन था। यमुना रक्षक दल और भाकियू के किसान पहले पड़ाव चौमुंहा से राधे कृष्ण भजते हुए आगे बढे़।
इस बीच गांव के गांव खाली होकर सड़कों पर आते गए और दिल्ली पदयात्रा में शामिल हो गए। लोगों का उत्साह देख यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा, ‘ब्रजवासियों! हथिनी कुंड तक जाना है। ये उत्साह बना रहे।’
अपने तीसरे पड़ाव कोसी के लिए यमुना मुक्तिदूत रविवार सुबह चलेंगे। पदयात्रा के मंच पर भाकियू भानु गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह भी मौजूद थे।