पाकिस्तानी सैनिकों की बर्बरता के शिकार हुए शहीद हेमराज की पत्नी धर्मवती पति को खोने के सदमे से उबर भी नहीं पाई थी कि उसे ठगों ने घेरना शुरू कर दिया।
दो बार उसे ठगने के प्रयास हुए और तीसरी बार में फौजी बनकर पहुंचा एक ठग उसे 10 लाख रुपये की चपत लगा गया।
घटना से पुलिस में हड़कंप मच गया और एसएसपी, एसपी ने थाने पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई। फिलहाल अमानत में ख्यानत का मामला पुलिस ने दर्ज कर लिया है।
फौजी बनकर शेरनगर पहुंचे ठग ने अपना नाम अमित बताया और कहा कि वह दिल्ली सेना मुख्यालय से आया है।
उसने शहीद की पत्नी से कहा कि अभी तक बच्चें के नाम एफडीआर नहीं बनवाई गई और इससे टैक्स भरना पडे़गा।
धर्मवती ने बताया कि परिवारजनों से बातचीत के बाद वह अमित, चचिया ससुर गजेंद्र सिंह के साथ छाता स्टेट बैंक पहुंच गई।
बैक में शहीद का चचेरे भाई भगवान सिंह भी धर्मवती के बुलाने पर पहुंच गया। वहां पर अपनी पुत्री शिवानी के नाम से एफडीआर बनवा ली।
दस लाख रुपये बुखरारी बैंक में जमा कराने के लिए निकाल लिए। रुपयों का बैग अमित ने अपने पास रख लिया। धर्मवती फौजी की पल्सर बाइक पर छाता से गांव की ओर चल दी। दूसरी बाइक पर गजेंद्र सिंह एवं भगवान सिंह पीछे आ रहे थे।
रास्ते में फौजी ने बाइपास पर स्थित एक पैट्रोल पंप के पास बाइक रोकी और धर्मवती को पैट्रोल भरवाने के नाम पर चकमा दिया और उसे उतारकर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर एसएसपी प्रदीप कुमार, एएसपी राहुल पांडेय, सीओ थाने पहुंच गए।