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उत्तर प्रदेश के 82 अफसरों पर विजिलेंस की नजर

Mon, 21 Jan 2013 11:55 AM IST
पुनीत शर्मा/मुरादाबाद
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82 अधिकारियों के ठाठबाट को विजिलेंस की नजर लग गई है। अब ‘जासूस’ इनके बैंक एकाउंट और जमीन-जायदाद का पता लगाएंगे। इन अफसरों पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगे हैं। शासन के आदेश पर जांच शुरू हो रही है। कई अधिकारी वित्तीय अनियमितताओं में भी फंसे हैं। सबसे ज्यादा पशु चिकित्सा विभाग के हैं। भूमि संरक्षण विभाग के घोटाले भी सामने आए हैं।
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विजिलेंस द्वारा सूचीबद्ध किए गए अफसरों में कई तो ऐसे हैं जो बड़े संस्थानों के मालिक हो बन गए हैं। किसी का कालेज है तो कोई टैक्नीकल इंस्टीट्यूट चला रहा है। शिकायत मिली थी कि नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद, लखनऊ और देहरादून जैसे बड़े शहरों में इन अफसरों के प्लाट और फ्लैट हैं। इनमें अधिकांश सप्लाई विभाग, समाज कल्याण, कृषि विभाग, विधिक माप विज्ञान, सिंचाई विभाग, उद्योग डिपार्टमेंट और नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी हैं।

विजिलेंस के एडीजी महेंद्र सिंह मोदी ने बताया कि अभी जांच मिली है। जल्द ही इन शिकायतों की पड़ताल कराई जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द इन जांचों को पूरा किया जाए। कुछ ऐसे अफसरों की भी जांच मिली है जो अब दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके हैं। उनकी नई तैनाती के बारे में रिपोर्ट ली जा रही है। मुरादाबाद में पशु चिकित्सा विभाग के अफसरों के बारे में भी शिकायतें मिली हैं।
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 विजिलेंस की सूची में शामिल अफसर
-प्रेम नारायण मिश्र (तत्कालीन संयुक्त निदेशक, बरेली मंडल)
-विनोद चंद्रा (तत्कालीन अधिशासी अधिकारी नगरपालिका, संभल)
-पवन कुमार (तत्कालीन विधिक माप विज्ञान अधिकारी, नजीबाबाद)
-शांति प्रकाश सैनी (तत्कालीन अधिशासी अभियंता, मध्य गंगा नहर, बिजनौर)
-वीपी सिंह (तत्कालीन उप अधिशासी, उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम)
-दिनेश कुमार (तत्कालीन परियोजना अधिकारी, रामगंगा कमांड)

सियासी जुड़ाव वाले कई अफसर भी जांच के घेरे में
विजिलेंस को शासन ने हाल फिलहाल जो सूची सौंपी है उसमें कई ऐसे अधिकारी भी हैं जिनका अच्छा खासा सियासी जुड़ाव रहा है। इनमें कई पिछली सरकार से गहरा रिश्ता जोड़ने वाले अधिकारी भी हैं। इनके खिलाफ जो शिकायतें पहुंची हैं उनकी जांच शुरू करा दी गई है।

बड़ी कंपनियों में लगा है पैसा
विजिलेंस अफसरों का कहना है कि जो पुरानी जांच चल रही हैं उनमें कई अधिकारियों पर तो बड़ी कंपनी या होटलों में अपना पैसा लगाने का आरोप लगा है। हाईवे किनारे पार्टनरशिप में जमीन खरीदी गई है।
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