कोतवाली अंतर्गत मढ़िया गांव निवासी विवेक गुप्ता की रविवार को अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार वालों ने पुलिस सूचना दिये बगैर शव का दाह संस्कार कर दिया । साहूकारों के तगादो से परेशान होकर विवेक 12 दिन पूर्व घर के कमरे में फांसी के फंदे पर झूल गया था। घटना के बाद से उसका इलाज बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर में चल रहा था।
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के मढ़िया गांव निवासी विवेक गुप्ता (30) कैटरिंग का काम कर परिवार भरण-पोषण करता था। कई दिनों से काम नहीं मिलने के उसने कुछ लोगों से ब्याज पर रुपये उधार लिये थे। काम नहीं होने के कारण वह रुपये नहीं लौटा पा रहा था। वहीं दूसरी तरफ साहूकार रुपयों के लिए लगातार तगादा कर रहे। परिवार वालों ने बताया कि 29 जून की शाम कुछ लोग उधार दिये रुपये विवेक से वापस लेने के लिए आये थे। साहूकारों के तगादों से ऊबकर उसने अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया और फांसी के फंदे पर झूल गया। इस बीच आहट पाक उसकी पत्नी कुसुम देवी ने भीतर झांक कर देखा तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर एकत्र हुए आसपास के लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर विवेक को फांसी के फंसे से नीचे उतारा और निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां हालत गंभीर देख चिकित्सक ने उसे ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। जहां रविवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बाद में परिवार वालों ने शव का दाह संस्कार कर दिया।