वह पहले शराब का कारोबारी था। बाद में बिहार में शराबबंदी हो जाने पर वह वाराणसी में सामने घाट इलाके में रह रहा था। उसके अपार्टमेंट की किराएदारी ही आय का साधन थी। अभिषेक बृहस्पतिवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे अपनी पत्नी सीमा त्रिवेदी से किसी काम से जाने की बात कह कर निकला था। देर रात तक वह घर नहीं पहुंचा तो परिजन उसे खोजने लगे।
शुक्रवार की सुबह पचफेड़वा पुल पर कार में शव होने की सूचना मिली। खबर सुनकर अभिषेक के पुत्र शिवम, शौर्य व यश रो-रोकर बेहाल हो गए। पुलिस के अनुसार, कार में तमंचा, कारतूस व खोखा पड़ा था। इससे लगता है कि उसी से ही उसके सिर में गोली मारी गई थी। शव को पीले रंग की बोरी से ढका गया था। अलीनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया लग रहा है कि हत्या कहीं और की गई थी। पोस्टमार्टम व जांच पड़ताल के बाद ही घटना का कारण स्पष्ट हो पाएगा।