खादिम की हिम्मत देख मजार के आसपास फूल-माला और चादर बेचने वाले भी पहुंचे और रेलवे ट्रैक पर खड़े दोनों को हाथ देकर प्लेटफॉर्म पर खींचा। हालांकि युवक बार-बार हाथ छुड़ाकर मालगाड़ी के आगे कूदने का प्रयास करता रहा। यह देख लोगों ने उसे मजबूती से पकड़ा और मजार के पा लाए। युवक के पास से बरमाद मोबाइल से परिजनों को सूचित किया गया।
पूछताछ में पता चला कि युवक नियामताबाद इलाके के हसनपुर का रहने वाला है। पांच भाइयों में सबसे छोटा 24 वर्षीय युवक निजी गाड़ी चलाता है। इसके साथ ही वह चंदासी मंडी में पिता के साथ मजदूरी भी करता है। युवक किस बात से नाराज होकर आत्मघाती कदम उठा रहा था, यह पता नहीं चल सका। बाद में परिजन पहुंचे और उसे अपने साथ ले गए।