पीडीडीयू नगर। ‘यास’ तूफान के दौरान अरब सागर में लापता 11 लोगों के शव मिल चुके हैं। ये शव इतने क्षत-विक्षत हो चुके हैं कि इनकी पहचान नहीं हो पा रही है। इन्हीं शवों में एक शव धानापुर के हिंगुतरगढ निवासी यतेंद्र विक्रम सिंह का भी बताया जा रहा है। पर इसकी शिनाख्त डीएनए टेस्ट के बाद ही हो पाएगी। नेवी अफसरों के अनुसार डीएनए टेस्ट में सात दिन का समय लग सकता है। चार दिन पहले ही यतेंद्र के परिजन मुंबई पहुंच चुके हैं।
अरब सागर में मुंबई से लगभग 70 किमी अंदर मुंबई हाई में एनजीटी का ऑयल फील्ड है। जहां बड़े बड़े बार्ज को सपोर्ट करने के लिए टग बोट लगाए जाते हैं। जो समय-समय पर बार्ज को सपोर्ट करते हैं। यास तूफान के दौरान वारप्रदा टग बोट भी बार्ज के सपोर्ट में था। जिसमें 13 लोग सवार थे। तूफान के दौरान 17 मई को वोट डूब गई। इसमें चंदौली के धानापुर, हिंगुतरगढ निवासी नेवी अफसर यतेंद्र विक्रम सिंह भी मौजूद थे। लोगों के लापता होने के तुरंत बाद हेलीकॉप्टर की मदद से दो लोगों को रेस्क्यू कर बचा लिया गया। जबकि 11 लोग लापता थे। 23 मई को 11 शव भी मिल गए पर वे इतने क्षत-विक्षत थे कि उनकी पहचान नहीं हो सकी। सूचना के चार दिन बाद यतेंद्र विक्रम के परिजन भी मुंबई पहुंचे पर शव को पहचान नहीं सके। अब परिजनों और गांव के लोगों को डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है। यतेंद्र की पत्नी रजनी अभी भी ‘वे आएंगे’ का रट लगाए हुए हैं।