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Chandauli News: पूजा खत्म, जिम्मेदारी खत्म...आठ से ज्यादा तालाबों-पोखरों पर कचरे का अंबार

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पीडीडीयू नगर में गंदगी से पटा मानसरोवर तालाब घाट। संवाद - फोटो : credit
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पीडीडीयू नगर। जीवित्पुत्रिका व्रत के लिए सजाए गए तालाबों और पोखरे पर्व बीतते ही गंदगी से पट गए। पूजा और स्नान कर श्रद्धालुओं के लौटने के दूसरे दिन तक ज्यादातर जलाशयों की सफाई नहीं कराई गई। इससे घाटों पर पूजा सामग्री, फूल-माला, पत्ते, प्लास्टिक और अन्य कचरा बिखरा पड़ा रहा। कई जगह गंदगी पानी तक पहुंच गई। पीडीडीयू नगर के दामोदरदास पोखरा और मानसरोवर तालाब की सफाई के लिए नगर पालिका ने चार-चार सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी, इसके बावजूद रविवार शाम 5 बजे तक घाट गंदगी से पटे रहे।
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जीवित्पुत्रिका पर्व पूरे जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने तालाब, पोखरों और गंगा घाटों पर स्नान और पूजा-अर्चना की। पर्व को देखते हुए नगर पालिका और स्थानीय स्तर पर सफाई की तैयारी के दावे किए गए थे। लेकिन पर्व समाप्त होने के बाद जलाशयों की स्थिति ने इन तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। पीडीडीयू नगर के दामोदरदास पोखरा और मानसरोवर तालाब से लेकर बलुआ गंगा घाट, इलिया के रानी लक्ष्मीबाई अमृत सरोवर, सकलडीहा के कालेश्वरनाथ पोखरा, धानापुर और सैयदराजा के पोखरों तक कई जगह गंदगी पसरी रही।

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केस-1 :
चार सफाईकर्मी, फिर भी फैली गंदगी
पीडीडीयू नगर का प्रमुख दामोदरदास पोखरा पर जीवित्पुत्रिका पर्व के दौरान पांच हजार से अधिक महिलाएं स्नान और पूजा के लिए पहुंची थीं। पर्व के बाद होने वाली सफाई के लिए चार सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके बावजूद रविवार शाम पांच बजे तक घाटों की सीढ़ियों से लेकर पोखरे के पानी तक पूजा सामग्री और कचरा दिखाई दिया। पानी में फूल-माला और अन्य अवशेष तैरते मिले।
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केस-2 :
10 हजार महिलाएं आईं, कचरा नहीं हटाया
पीडीडीयू नगर के सबसे बड़े मानसरोवर तालाब में शनिवार को 10 हजार से अधिक महिलाओं ने स्नान और पूजा की थी। नगर पालिका ने यहां भी चार सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी। बावजूद इसके रविवार शाम चार बजे तक घाटों की सीढ़ियों और पानी में गंदगी दिखाई दी। रेलवे के अधीन आने वाले इस तालाब की सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका को दी गई है।

केस-3 :
अमृत सरोवर में पहुंच रहा गंदा पानी
इलिया कस्बे में रानी लक्ष्मीबाई अमृत सरोवर की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली मिली। सरोवर के पास बने सामुदायिक शौचालय की टंकी पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ओवरफ्लो हो रही थी। टंकी से निकलने वाला गंदा पानी और मलबा सीधे अमृत सरोवर में जाता दिखाई दिया। सरोवर के आसपास भी कूड़ा बिखरा मिला।

केस-4 :
50 हजार श्रद्धालुओं ने किया पूजन, घाट से पानी तक कचरा
बलुआ गंगा घाट पर जीवित्पुत्रिका पर्व में 50 हजार से अधिक महिलाओं ने स्नान-पूजन किया। अगले दिन घाट पर फूल-माला, कागज और प्लास्टिक का कचरा गंगा किनारे और पानी में बिखरा मिला। सकलडीहा के कालेश्वरनाथ पोखरा, बाबा अवधूत भगवान राम घाट पड़ाव, धानापुर और सैयदराजा के पोखरों पर भी पर्व के बाद गंदगी पसरी रही। पूजा सामग्री और कचरा हटाने के लिए प्रभावी सफाई अभियान नहीं चलाया गया।
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जिले के प्रमुख जलाशय, जहां फैली मिली गंदगी
- दामोदरदास पोखरा, पीडीडीयू नगर, मानसरोवर तालाब, पीडीडीयू नगर, रानी लक्ष्मीबाई अमृत सरोवर इलिया, बलुआ गंगा घाट, कालेश्वरनाथ पोखरा सकलडीहा, धानापुर का पोखरा, सैयदराजा का पोखरा, बाबा अवधूत भगवान राम घाट पड़ाव।

कोट-
- पीडीडीयू नगर के मानसरोवर तालाब और दामोदर दास पोखरे की सफाई के लिए 4-4 सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। अगर कहीं गंदगी फैली है, तो जल्द से जल्द सफाई कराई जाएगी। - धर्मराज सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद पीडीडीयू नगर
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पीडीडीयू नगर में गंदगी से पटा मानसरोवर तालाब घाट। संवाद- फोटो : credit

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