चकिया । राष्ट्रीय आजीविका मिशन ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन के लिए अहम भूमिका अदा कर रही है । महिलाएं इस योजना से जुड़कर अधिकतम लाभ ले सकती हैं और स्वावलंबी हो सकती हैं । ये बातें स्थानीय वन विश्राम गृह दिलकुशा परिसर में बुधवार को बड़ौदा यूपी बैंक की ओर से आयोजित स्वयं सहायता समूह के बृहद ऋण वितरण शिविर में बड़ौदा यूपी बैंकके अध्यक्ष दविंदर पाल ग्रोवर ने कहीं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है। कहा कि सरकारी योजनाओं के बाबत जानकारी के प्रचार प्रसार तथा वित्त पोषण के लिए बैंक प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूह संघों से जुड़ी आधा दर्जन महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान बैंक सखियों तथा राष्ट्रीय आजीविका मिशन में बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। बैंक के अध्यक्ष ने स्वयं सहायता समूह की ओर से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। ऋण वितरण शिविर में बड़ौदा यूपी बैंक के अध्यक्ष ने 103 स्वयं सहायता समूह को 6. 18 करोड़ के ऋण बांटे। इसके त हत प्रत्येक समूह को छह लाख का वित्तपोषण किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक एमके हालदार, क्षेत्रीय प्रबंधक वीके सिंह, ऋण प्रभारी अर्जुन तिवारी, डीडीएम नाबार्ड हरिहर पात्रा, प्रबंधक वकार अहमद, आजाद अली, दीपक, कृष्णा, प्रभात कुमार सिंह, कन्हैया लाल, अखिलेश यादव तथा समूह की शशिकला, आरती, नीतू, सोनी, कंचन, मिथिलेश, सुखदेई, साधना रहीं। संचालन अर्जुन तिवारी ने किया।