नियामताबाद। बबुरी थाना क्षेत्र के एक गांव में एक पत्नी शनिवार को अपने सुसराल पहुंची और घर में रखने की जिद करने लगी।
इसपर उसकी ननद ने उसको कमरे में बंदकर बाहर से ताला लगा दिया। महिला ने पुलिस को सूचना दी, जिस पर मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष एवं तहसीलदार ने उसके ससुर से ताला खुलवाया गया और दोनों पक्षों को जब तक मामले का समाधान नहीं हो जाता है तब पत्नी को पति के घर पर ही रखने का समझौता हुआ।
महिला ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में निकाह के बाद ससुराल वालों ने उसे स्वीकार नहीं किया और कुछ ही दिनों में प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर उसका पति उसे लेकर वाराणसी के सुसवाही, बीएचयू क्षेत्र में किराये के मकान में रहने लगा।
महिला का कहना है कि इसी दौरान जब वह गर्भवती हुई तो सास और ननदों की साजिश में पति ने उसे जून 2023 में एक निजी नर्सिंग होम ले जाकर धोखे से गर्भपात करा दिया। पीड़िता के अनुसार, इस घटना से उसे गहरा आघात पहुंचा, बावजूद इसके ससुराल वाले और पति उस पर लगातार 10 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि रकम न देने पर पति दूसरी शादी करने की धमकी दे रहा है। महिला ने बताया कि निकाह से पहले भी पति द्वारा उसका यौन शोषण किया गया और निकाह के बाद से लगातार उसे मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी जा रही हैं। प्रार्थिनी ने पुलिस और प्रशासन से निवेदन किया कि उसकी साझा गृहस्थी से विधि विरुद्ध बेदखल करने से रोका जाए और उसे न्याय दिलाया जाए। शनिवार को वह घर में जाकर रहने का निर्णय लिया और शनिवार को घर में विरोध के बावजूद घूस गई। संवाद