नियामताबाद के 37 गांवों में पेय जल की समस्या दूर होगी। इसके लिए शासन ने 109 करोड़, 9 लाख 97 हजार रुपये की स्वीकृति किया। हर घर नल जल योजना के तहत आरंभ हो गया है। कार्य 2024 तक पूरा हो जाएगा। इस योजना से सबसे ज्यादा लाभ नदी के किनारे और औद्योगिक क्षेत्र के पास बसे कुंडा खुर्द, हरिशंकरपुर, कटरिया, परोरवा सहित अन्य गांवों के लोगों को मिलेगा। गर्मी के दिनों में इन क्षेत्रों में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है।
जिले में व्याप्त पेयजल संकट को दूर करने के लिए जल निगम की तरफ से 113 पेयजल योजनाओं का खाका तैयार कर 832 करोड़ 30 लाख रुपये का स्टीमेट शासन को भेजा गया था। जिसे शासन ने पास किया। शासन से स्वीकृति मिलने पर जनवरी माह से नियमताबाद ब्लाक के 37 गांवों में कार्य शुरू किया गया। जिसमें 109 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रथम चरण में ब्लॉक के उन 37 राजस्व गांवों को योजना में शामिल किया गया है, जहां गर्मी के दिनों में पेयजल का संकट होता रहा है। बताते चले गंगा के तटीय क्षेत्र के लोग न चाहते हुए आर्सेनिकयुक्त गंदे पानी का सेवन करते है। इससे अक्सर परिवार के सदस्य बीमार रहते हैं। इसके अलावा हैंडपंपों के खराब रहने पर ग्रामीणों को पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ता है। योजना के पूरा होने पर लोगों की पेयजल संबंधी समस्या दूर होगी।
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पाइप लाइन के जरिए घर-घर पहुंचेगा पानी
योजना के तहत जिले के राजस्व गांवों में पानी की टंकी, नलकूप, स्टाफ क्वार्टर व चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा पाइप लाइन के जरिए घर-घर पानी पहुंचाने की योजना अमल में लाई जाएगी। वर्तमान में कार्यदाई संस्था वीएसए इन्फा प्रोजेक्ट लिमिटेड व आयन एक्सचेंज ने योजना से जुड़े कार्यो को शुरू कर दिए है।
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दो कंपनियां छोड़ चुकी हैं कार्य
योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए राज्य पेयजल व स्वच्छता मिशन कार्यालय की ओर से चार फर्मों को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी। इसने दो कंपनियां लारसन एंड ट्रूबो और वेलस्पन ने कार्य आरंभ होंने से पहले ही कदम वापस खींच चुकी हैं। इससे कुछ योजनाओं पर असर पड़ रहा है।
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शासन की मंशा के अनुसार 113 पेयजल योजनाएं तैयार की गई हैं। स्वीकृति मिलने के बाद कार्य आरंभ कर दिया गया है। वर्ष 2024 तक कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। हेमंत सिंह, अधिशासी अभियंता, जलनिगम।