चंदौली। जिले में कोरोना का संक्रमण भले ही कम हुआ है लेकिन खतरा कम नहीं हुआ है। बावजूद इसके 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण गति पकड़ पा रहा है। जिले में अब तक 82 हजार के सापेक्ष मात्र मात्र 500 बच्चों का ही टीकाकरण हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो चल रही बोर्ड परीक्षा के कारण टीकाकरण की गति धीमी हुई है। परीक्षा समाप्त होते ही टीकाकरण में तेजी आएगी।
शासन के निर्देश के बावजूद 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण लक्ष्य से काफी दूर है। 82 हजार के सापेक्ष मात्र 500 से अधिक बच्चें का ही टीकाकरण हुआ है। यह लगभग एक पखवारे का आंकड़ा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो टीकाकरण चल रहा है लेकिन 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण धीमा है। इसका कारण बोर्ड की चल रही परीक्षा है। टीका लगवाने को लेकर अभिभावकों के साथ बच्चे भी भयभीत हैं। उनमें इस बात का भय है कि टीका लगवाने से बुखार आ सकता है जिससे परीक्षा प्रभावित होगी। कोरोना टीकाकरण के नोडल डा. आरबी शरण ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के समाप्त होते ही बच्चों के टीकाकरण का अभियान तेज किया जाएगा।