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जिला संयुक्त चिकित्सालय में एक वर्ष से बंद है अल्ट्रासाउंड

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चकिया। स्थानीय जिला संयुक्त चिकित्सालय में बना अल्ट्रासाउंड कक्ष पिछले एक वर्ष से रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में बंद पड़ा है । जिसके चलते मरीजों को महंगा शुल्क देकर बाहर से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है। उनकी जेब ढीली हो रही है। चिकित्सालय प्रशासन रेडियोलॉजिस्ट बुलाने के लिए पत्र भेजने की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ ले रहा हैं।
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चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय में कक्ष संख्या 23 में अल्ट्रासाउंड कक्ष बनाया गया है। कक्ष के ऊपर मोटे अक्षरों में प्रत्येक दिन किया जाता है अल्ट्रासाउंड लिखा गया है । परंतु कक्ष में ताला लटक रहा है। यहां अस्पताल आने वाले मरीजों को निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी लेकिन एक साल पूर्व ही अस्पताल के अल्ट्रासाऊंड टेक्निशियन रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर आलोक कुमार पांडेय का स्थानांतरण हो गया। इसके बाद से कोई भी रेडियोलॉजिस्ट अल्ट्रासाउंड के लिए नहीं आया। जिससे अल्ट्रासाउंड का कार्य ठप है। चिकित्सालय में ओपीडी के चिकित्सक प्रतिदिन 40 से 50 मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आवश्यक निर्देश देते हैं। लेकिन अस्पताल में सरकारी सुविधा का व्यवस्था न होने से मरीजों को बाहर जाकर अल्ट्रासाउंड कराने की मजबूरी है। पत्नी का इलाज कराने आए पारस ढरकार ने बताया कि डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा है इतने पैसे नहीं कि बाहर से करा सकें। समझ नहीं आ रहा क्या करें।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए रेडियोलॉजिस्ट नियुक्त करने की मांग की गई है। इसके लिए सीएमएस को भी पत्र लिखा जा चुका है।-डॉ. दिलशाद अली,क्वालिटी मैनेजर, संयुक्त जिला चिकित्सालय, चकिया
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