चकिया। जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जिला संयुक्त चिकित्सालय में ऑक्सीजन उत्पादन मशीन लगाने के बाद मंगलवार को इसका ट्रायल किया गया। ट्रायल में सब कुछ ओके मिला।
चिकित्सालय में स्वयं ऑक्सीजन उत्पाद केंद्र के लिए 7.8 लाख की लागत से जनरेटर रूम का निर्माण किया गया है। जिले के बड़े अस्पतालों में शुमार चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय सौ बेड है। जिसमें सामान्य श्रेणी के 30 तथा कोविड-19 के लेवल 2 हॉस्पिटल के लिए 75 बेड ऑक्सीजन सिस्टम से लैस है। इसमें सभी बेड़ पर ऑक्सीजन की सुविधा है। कोरोना के प्रकोप को देखते हुए यहां ऑक्सीजन उत्पाद मशीन लगा दी गई है। मशीन दिल्ली के एवेस्टिंन कंपनी ने लगाया है। जिला संयुक्त चिकित्सालय में प्रतिदिन लगभग 50 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत होती है। इस समय चिकित्सालय पूरी तरह से कोविड-19 में तब्दील कर दिया गया है। भवन का निर्माण जनवरी माह में ही पूर्ण कर लिया गया था। कंपनी के कर्मचारी सागर के अनुसार ऑक्सीजन उत्पादन मशीन से एक मिनट में 100 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन होगा। ऑक्सीजन स्टोर करने के लिए पांच पांच सौ लीटर के दो टैंक लगाए जा रहे हैं। ऑक्सीजन जनरेटर मशीन के माध्यम से हॉस्पिटल के बेड पर डायरेक्ट ऑक्सीजन भेजने की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को मशीन को विद्युत करंट से स्टार्ट कर ट्रायल किया गया। पाइप के लीकेज की जांच की जा रही है। सबकुछ ओके मिलने पर इसे चालू कर अस्पताल को सौंप दिया जाएगा। जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. अशोक सिंह ने कहा कि ऑक्सीजन जनरेटर मशीन के माध्यम से हॉस्पिटल के मरीजों को सुविधा मिलेगी।
रिपोर्ट-शीतला प्रसाद राय
संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
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