चकिया। लतीफशाह बीयर से 18 हजार क्यूसेक पानी गिरने की सूचना पर रविवार को सैलानियों का हुजूम उमड़ पड़ा। बीयर से पानी गिरता हुआ न पाकर सैलानी मायूस हो गए। पुलिस सुरक्षा के बाद भी खतरनाक स्पॉट पर सैलानी पहुंच कर सैर सपाटा करते दिखे।
बारिश के बाद शुक्रवार को नगवां, नौगढ़ और चंद्रप्रभा व मूसाखांड़ बांध में पानी पर्याप्त हो गया। बरसात होने पर झरनों और बीयर से पानी गिरने का मनोरम नजारा बन गया था। सुंदरता निहारने के लिए सैलानियों की बड़ी तादाद शहरों से आ गई। शुक्रवार को लतीफशाह बीयर से लगभग 5 से 7 फीट पानी कर्मनाशा नदी में गिराया गया था। नजारा सैलानियों ने मोबाइल और कैमरे से कैद किया था। पानी गिरने की वीडियो मोबाइल और अखबारों के साथ ही सोशल साइटों पर तेजी से वायरल हुआ। इसे देखने के लिए रविवार को बड़ी संख्या में सैलानियों का हुजूम पहाड़ों की तरफ रुख करके लतीफशाह बीयर पहुंचा। यहां बीयर से पानी गिरने का नजारा न पाकर वह मायूस हो गए।
लोग एक दूसरे से पानी गिरने के बारे में पूछते रहे। रविवार को चंदौली के साथ वाराणसी, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र के साथ बिहार के भभुआ से बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे। कोतवाली पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग के गेस्ट हाउस के सामने लगभग 500 मीटर दूर दो पहिया वाहन से लेकर चार पहिया वाहन को बैरियर लगाकर रोक दिया था। मिर्जापुर के नूरजहां, सोनभद्र की आफशा खातून, वाराणसी के नूर मोहम्मद, साहिल, भभुआ निवासी रिजवान व हकीमून ने कहा कि बरसात में पहाड़ों के झरनों से गिरते हुए पानी और बांधों से पानी गिरने के नजारों को देखने के लिए लतीफशाह आया था। लतीफशाह आने के बाद बाबा के मजार पर जियारत भी की गई। खाना पका कर परिजनों के साथ आनंद लिया।
कोट
सैलानियों की सुरक्षा के लिए खतरनाक स्थल से दूर रखने के लिए वाहनों को दूर ही प्रतिबंधित किया गया था। सुरक्षा के लिए खतरनाक स्थल पर पर्यटकों को न जाने देने के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
अर्जुन सिंह,कोतवाल