जिले में 6 दिसंबर से पहले डीएपी और खाद की किल्लत दूर होने की संभावना जताई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि दो रैक यानि कुल तीन हजार टन वाराणसी के शिवपुर रेलवे स्टेशन पर आ जाने वाली है और अगले दिन वहीं से खाद सीधे समितियों के पास चली जाएगी।
जिले के किसान इस समय खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं। किसान सहकारी समिति में खाद न होने से निजी दुकानों से खाद खरीद रहें। जिला कृषि अधिकारी वसंत कुमार दुबे ने बताया कि जिले में फिलहाल 700 टन डीएपी की मांग हैं। पांच दिसम्बर को वाराणसी के शिवपुर में खाद की पहली रैक आएगी। जिसमें 2400 टन डीएपी होगी। उसमें से 1200 टन वाराणसी और 1200 टन चंदौली को मिलेगी। वहीं छह दिसंबर को दूसरी रैक में 3600 टन डीएपी मिलेगी, जिसमें 1800 चंदौली और 19800 टन वाराणसी को मिलेगी। इस तरह कुल तीन हजार टन डीएपी जिले को मिलेगी जो जरूरत के हिसाब से काफी ज्यादा है। इसे एक वर्ष तक किसानों को खाद की दिक्कत नहीं होगी।
पीसीएफ के प्रबंधक राजेश गुप्ता ने बताया कि यह खाद आने के बाद जरूरत की पूर्ति करते हुए बफर स्टॉक के रूप में रखी जाएगी और आगामी सीजन में इसका उपयोग किया जा सकता है। इसका उपयोग चंदौली जिले के किसान ही करेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल केवल 700 टन की मांग हैं और 3000 टन खाद आ जाने से 2300 टन खाद एक्स्ट्रा उपलब्ध होगी। अगर 700 टन से कुछ अधिक की भी मांग होती है तो उसकी आपूर्ति की जा सकती है।